बिहार में किसानों से धान खरीदने का काम नवंबर महीने से शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा बैठक में इसके निर्देश दिए हैं। बैठक में धान खरीद का लक्ष्य 35 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 50 लाख मीट्रिक टन करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार से सहयोग मांगा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि, किसानों को धान बेचने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए और उन्हें समय पर भुगतान मिलना चाहिए। सम्राट चौधरी का मानना है कि गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को आनाज कराना सरकार की प्राथमिकता है।

 

बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव भी मौजूद थे अभय कुमार सिंह भी मौजूद थे। उन्होंने योजनाओं और कामकाज की जानकारी दी। इसमें किसानों से धान की खरीद, राशन कार्ड बनाने, जन वितरण प्रणाली और राशन दुकानों से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही पीएनजी और सीएनजी की सुविधाओं को बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

 

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धान खरीद पर सरकार का लक्ष्य- 50 लाख मीट्रिक टन

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नवंबर से धान की खरीद शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि, 'नवंबर माह से धान अधिप्राप्ति का कार्य शुरू किया जाए। किसानों को धान बेचने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। सभी पैक्स और व्यापार मंडलों को सक्रिय किया जाए। धान अधिप्राप्ति केंद्रों पर सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। किसानों को समय पर भुगतान हो। वर्तमान में धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य 35 लाख मीट्रिक टन है। इसे बढ़ाकर 50 लाख मीट्रिक टन करने का प्रस्ताव है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भारत सरकार से सहयोग मांगा जाएगा। केंद्र सरकार से अतिरिक्त कोटा और भंडारण की सुविधा के लिए बात की जाएगी।'

सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री, बिहार:-
'बिहार में धान की पैदावार अच्छी होती है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलना चाहिए। सरकार किसानों से धान खरीदकर उन्हें समर्थन मूल्य देती है। इससे किसानों की आय बढ़ती है। धान अधिप्राप्ति का कार्य पारदर्शी तरीके से होना चाहिए। बिचौलियों की भूमिका खत्म होनी चाहिए। सीधे किसानों से धान खरीदा जाए। पैक्स के माध्यम से खरीद हो। किसानों का निबंधन पहले से कर लिया जाए। ताकि खरीद में देरी न हो। धान में नमी की जांच के लिए सभी केंद्रों पर मशीनें उपलब्ध हों। किसानों को नमी के नाम पर परेशान नहीं किया जाए।'

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'कोई भी पात्र परिवार राशन कार्ड से वंचित नहीं रहे'

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के सभी पात्र गरीब परिवारों का राशन कार्ड बनाने का काम तेजी से पूरा किया जाए। इसके लिए पंचायत दिवस और सहयोग शिविरों में विशेष अभियान चलाने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने माना कि, सार्वजनिक वितरण प्रणाली का उद्देश्य गरीब, वंचित और जरूरतमंद लोगों को खाद्य सुरक्षा देना है।

'मुख्यमंत्री ने कहा कि कई गरीब परिवार अभी भी राशन कार्ड से वंचित हैं। उनका राशन कार्ड बनाया जाए। इसके लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पंचायत दिवस पर शिविर लगाकर राशन कार्ड बनाए जा रहे हैं। सहयोग शिविर में भी राशन कार्ड के आवेदन लिए जा रहे हैं। सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने जिले में राशन कार्ड बनाने के कार्य में तेजी लाएं। कोई भी पात्र व्यक्ति छूटना नहीं चाहिए। राशन कार्ड बनाने में पारदर्शिता होनी चाहिए। अपात्र लोगों को राशन कार्ड नहीं मिलना चाहिए। पात्र लोगों को ही राशन कार्ड मिले। इसके लिए जांच भी की जाए।'- सम्राट चौधरी, बिहार के सीएम

 

बुजुर्गों और दिव्यांगों को घर पहुंचेगा राशन

मुख्यमंत्री ने 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को घर पर राशन पहुंचाने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि, '80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वृद्धजन एवं दिव्यांगजन को खाद्यान्न की होम डिलीवरी की व्यवस्था सुनिश्चित करें। इसके लिए जरूरतमंद लाभार्थियों की पहचान कर सूची तैयार करने और होम डिलीवरी की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। डीलरों को निर्देश दिया जाए कि वे ऐसे लाभार्थियों के घर जाकर खाद्यान्न दें। जहां जरूरत हो, वहां नई राशन दुकानें खोलने और लाइसेंस देने की प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश दिया।'

 

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पीएनजी और सीएनजी की सुविधाएं बढ़ाने पर जोर

बैठक में बिहार में पीएनजी और सीएनजी से जुड़ी सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने राज्य में पीएनजी पाइपलाइन का विस्तार करने और लोगों तक गैस की सुविधा पहुंचाने पर जोर दिया। इसके साथ ही सीएनजी स्टेशनों की संख्या बढ़ाने और वाहनों में सीएनजी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की बात कही गई।

 

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग गरीबों और किसानों से जुड़ा महत्वपूर्ण विभाग है। इसलिए लोगों को समय पर राशन मिलना चाहिए और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलना चाहिए। उन्होंने राशन वितरण में गड़बड़ी और राशन कार्ड बनाने के नाम पर पैसे मांगने जैसी शिकायतों की जांच करने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया।