हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने चंबा जिले के भरमौर विधानसभा क्षेत्र के दूरदराज गांव मैहला में ग्रामीणों के बीच रात बिताकर सीधे उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गांव की महिलाओं की आर्थिक स्थिति, बच्चों की शिक्षा और किसानों-पशुपालकों की आजीविका से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी घोषणाएं हुईं।

 

मुख्यमंत्री ने एलान किया कि प्रदेश में अगले महीने 'मुख्यमंत्री का अपना परिवार सुखी परिवार योजना' शुरू की जाएगी। इसके तहत 21 से 59 वर्ष आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

 

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स्थानीय लोगों से किया संवाद 

मैहला ग्राम पंचायत में आयोजित 'सरकार गांव के द्वार' कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों, महिला मंडलों और युवक मंडलों के साथ संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं और शिकायतें सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को इनके शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। इस दौरे की खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री सरकारी विश्राम गृह के बजाय गांव के एक घर में रात्रि ठहराव के लिए पहुंचे।

 

स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने इस सुदूर क्षेत्र में रात बिताई। पारंपरिक पहाड़ी वेशभूषा में सजे ग्रामीणों ने लोकधुनों के बीच मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की ओर से परोसे गए पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों का भी आनंद लिया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्गम गांवों में रात्रि ठहराव करने का उद्देश्य वहां के लोगों की वास्तविक परिस्थितियों, चुनौतियों और समस्याओं को करीब से समझना है। सरकार चाहती है कि विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि 'सरकार गांव के द्वार' प्रदेश सरकार का महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है और जनसमस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

एक परिवार की तीन महिलाओं को भी मिल सकता है लाभ

मुख्यमंत्री ने बताया कि मैहला ग्राम पंचायत के 172 परिवारों को 'मुख्यमंत्री का अपना परिवार सुखी परिवार योजना' के तहत चिह्नित किया गया है। प्रदेश में अगले महीने इस योजना का शुभारम्भ किया जाएगा। योजना के अंतर्गत 21 से 59 वर्ष आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे।

 

इस योजना की खास बात यह है कि एक परिवार में यदि तीन महिलाएं पात्रता की शर्तें पूरी करती हैं तो तीनों को इसका लाभ मिलेगा। यानी सहायता केवल परिवार की एक महिला तक सीमित नहीं रहेगी। इससे पात्र परिवारों की एक से अधिक महिलाओं को आर्थिक संबल मिल सकेगा।

 

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मैहला में अगले सत्र से शुरू होगा सीबीएसई स्कूल

मुख्यमंत्री ने मैहला के विद्यार्थियों के लिए भी बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि आगामी शैक्षणिक सत्र से यहां सीबीएसई स्कूल शुरू किया जाएगा। इससे क्षेत्र के बच्चों को सीबीएसई पाठ्यक्रम के तहत शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। दुर्गम क्षेत्र होने के कारण बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं तक पहुंच स्थानीय परिवारों के लिए बड़ी चुनौती रहती है। ऐसे में स्कूल शुरू होने से विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

 

मुख्यमंत्री ने किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष चंबा जिले की पांगी घाटी में प्राकृतिक पद्धति से तैयार 107 क्विंटल जौ की खरीद 70 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से की गई थी। अब इसका खरीद मूल्य बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया गया है। 

 

दूध उत्पादकों को राहत देने के लिए गाय के दूध का खरीद मूल्य 31 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति किलोग्राम और भैंस के दूध का खरीद मूल्य 46 रुपये से बढ़ाकर 71 रुपये प्रति किलोग्राम किया गया है। इसके अलावा दूध उत्पादकों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि भी तीन रुपये से बढ़ाकर छह रुपये प्रति लीटर करने का निर्णय लिया गया है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि गद्दी समुदाय के लिए भी एक नई योजना तैयार की जा रही है, ताकि समुदाय के पशुपालकों को उनके पशुधन के बेहतर दाम मिल सकें। सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और किसानों-पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए प्रयास कर रही है।