समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव 12 दिसंबर को श्री राम मंदिर आएंगे। यह एलान उस वक्त किया गया, जब अयोध्या में सीएम योगी दीपोत्सव में हिस्सा लेने पहुंचे थे। अपने संबोधन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा। हालांकि उनका नाम नहीं लिया। उन्होंने कहा कि अगर अयोध्या आएं तो रामभक्तों और संतों से माफी मांगकर ही आएं।
सीएम योगी ने कहा, जिन लोगों ने उपेक्षित किया था। अपमानित किया था। राम भक्तों पर गोलियां चलाई थीं। संतों को अपमानित करके उन पर लाठीचार्ज किया था। वे लोग अयोध्या आएं जरूर, लेकिन माफी मांग करके आएं। रामभक्तों और संतों से एक बार माफी तो मांग लें। अपने कृत्यों के लिए पश्चाताप भी कर लें।
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यूपी सीएम ने आगे कहा कि हमारे प्रभु तो सबके पालनहार हैं। सबके प्रति कृपालु हैं। वे सबको माफ करेंगे। लेकिन अहंकारी सत्ता को समाप्त करने में प्रभु कोई क्षण भी नहीं लगाते हैं। किसी को अहंकार हो जाए तो उसके अहंकार और दंभ को नरक तक पहुंचाने में भी कोई देर नहीं करते।
यह हमारी वैचारिक जीत
अपने संबोधन में योगी ने कहा कि जिन लोगों ने न्यायालयों में वकीलों की फौज खड़ी करके प्रभु श्री राम के अस्तित्व को नकारने का प्रयास किया था, आज कम से कम उनको इतनी सद्बुद्धि तो आई कि वे प्रभु श्री राम के अस्तित्व को स्वीकार कर पा रहे हैं। यह हमारी वैचारिक विजय है।
यह भी कहा कि जिस श्री अयोध्या जी में कभी श्री राम कहने पर लाठी और गोली चलती थी, श्री राम के नाम को प्रतिबंधित करने का पाप होता था। आज वही श्री अयोध्या जी फिर से त्रेतायुग को स्मरण कराते हुए जीवंत हो उठी हैं।
'श्री राम भारत राष्ट्र के प्राण'
सीएम योगी ने कहा कि श्री राम की चेतना ही वास्तव में भारत की चेतना है। यह भारत की संस्कृति और संस्कार हैं। श्रीराम भारत राष्ट्र के प्राण हैं और आप कहें तो श्रीराम भारत के आत्म सम्मान है। यही कारण है कि सप्तपुरियों में प्रथम पुरी के रूप में हमारे शास्त्रों ने अयोध्या धाम को मान्यता दी है। जहां के कण-कण और रोम-रोम में भगवान राम विराजमान हो, उस अयोध्या पुरी के बारे में... हो सकता है कि चुनौतियां आई हो, लेकिन उन चुनौतियों को सामना करने के लिए रामभक्तों, संतों, नागाओं, निहंगों और समाज के प्रत्येक तबके उसी जीवंतता के साथ उसका मुकाबला भी किया।
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महर्षि वाल्मीकि ने राम से साक्षात्कार कराया
सीएम योगी ने अयोध्या में हुए विकास कार्यों का भी जिक्र किया और बताया कि अयोध्या में कभी एयरपोर्ट नहीं बन पाया। आज महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट है। महर्षि वाल्मीकि ने राम का नाम अयोध्या से दुनियाभर में पहुंचाया। अयोध्या में जब इंटरनेशनल एयरपोर्ट बना तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उस एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा। महर्षि वाल्मीकि ने भगवान राम से हमारा साक्षात्कार कराया और हम आधुनिक अयोध्या का साक्षात्कार महार्षि वाल्मीकि के नाम से बने एयरपोर्ट के माध्यम से दुनिया से करा रहे हैं।
