बिहार के किशनगंज में पुलिस को नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक करोड़ रुपये की ब्राउन शुगर के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। तस्कर की पहचान 31 वर्षीय उमर फारूक के रूप में हुई है। वह किशनगंज का ही रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी के घर छापेमारी कर 434 ग्राम 10 मिलीग्राम ब्राउन शुगर बरामद की। इसके साथ ही पुलिस को 85 हजार 990 रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन और दो डिजिटल वजन मशीन मिली हैं। पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) खुसरो सिराज ने बताया कि बरामद मादक पदार्थ का इंटरनेशनल मार्केट में करीब एक करोड़ रुपये का मूल्य आंका गया है।

 

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि खगड़ा पासवान टोला में एक व्यक्ति ब्राउन शुगर की तस्करी करता है। आरोप था कि उसके पास बड़ी मात्रा में ब्राउन शुगर रखी हुई है और वह घर से ही इसे बेचता है। क्षेत्र के कई युवा उसके पास ब्राउन शुगर खरीदने आते हैं। सूचना मिलते ही एसडीपीओ ने जांच के लिए एक टीम गठित की। इस टीम में जिला आसूचना इकाई, विशेष कार्य बल और किशनगंज थाना पुलिस के जवान शामिल थे। टीम ने आरोपी के घर की रेकी की। इसके बाद घर पर छापेमारी की गई। तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली।

 

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नेपाल और बंगाल से लाता था ब्राउन शुगर

एसडीपीओ ने बताया कि आरोपी उमर फारूक लंबे समय से ब्राउन शुगर की तस्करी में लिप्त था। वह नेपाल और बंगाल से ब्राउन शुगर लाता था और किशनगंज में बेचता था। उसका नेटवर्क कई जिलों में फैला हुआ है। वह युवाओं को टारगेट करता था। कम दाम में ब्राउन शुगर देकर उन्हें नशे का आदी बनाता था। फिर ऊंचे दाम पर बेचता था। बरामद वजन मशीन से वह ब्राउन शुगर को तौलकर पुड़िया बनाता था। एक पुड़िया की कीमत 500 से 1000 रुपये होती थी। आरोपी से पूछताछ में पता चला है कि वह महीने में लाखों रुपये की ब्राउन शुगर बेचता था। पुलिस अब उसके नेटवर्क का पता लगा रही है। उसके मोबाइल फोन की जांच की जा रही है। मोबाइल से कई बड़े तस्करों के नंबर मिले हैं।

 

एसडीपीओ ने कहा कि, ‘किशनगंज सीमावर्ती जिला है। नेपाल और बंगाल की सीमा से सटा है। इसी कारण यहां नशा तस्करी बढ़ रही है। नेपाल से चरस, ब्राउन शुगर और गांजा की तस्करी होती है। बंगाल से भी ब्राउन शुगर लाई जाती है। किशनगंज को ट्रांजिट प्वाइंट के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। यहां से ब्राउन शुगर बिहार के अन्य जिलों में भेजी जाती है। पुलिस ने इस पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया है। सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है।’

 

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NDPS एक्ट के तहत दर्ज किया मामला

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन की जांच कर मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री से जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। एसडीपीओ ने कहा कि, ‘इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। आरोपी के संपर्क में कई बड़े तस्कर हैं। उन सभी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी रहेगी। किसी भी तस्कर को बख्शा नहीं जाएगा। युवाओं को नशे से बचाने के लिए पुलिस जागरूकता अभियान भी चला रही है। स्कूल-कॉलेजों में जाकर बच्चों को नशा के दुष्परिणाम के बारे में बताया जा रहा है।’