भारत की राजधानी दिल्ली में ड्रग्स को लेकर चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने ड्रग्स मामले की जांच के लिए एक अफ्रीकी महिला के फ्लैट पर छापेमारी की थी। इसी दौरान महिला तीसरी मंजिल की बालकनी से कूद गई। इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस जांच टीम के मुताबिक, महिला के घर से करीब 30 ग्राम एमडीएमए और 1.5 ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी अफ्रीकी नागरिक अपने फ्लैट में ड्रग्स लैब चला रहे थे, जहां कई केमिकल्स की मदद से ड्रग्स बनाई जा रही थी। इसी वजह से पुलिस ने महिला के घर से कई प्रकार के केमिकल भी बरामद किए, जिनका इस्तेमाल ड्रग्स बनाने में किया जाता था। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अफ्रीकी महिला के पड़ोसियों ने भी अहम बातें बताई हैं।

 

यह मामला दिल्ली के स्वरूप नगर का है। पुलिस टीम ने 11 जून को एक फ्लैट में छापेमारी की थी। पुलिस को पहले सूचना मिली थी कि फ्लैट में ड्रग्स बनाई जाती है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस और नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट की एंटी नारकोटिक्स स्क्वॉड की टीम आरोपी के फ्लैट पर पहुंची। छापेमारी के दौरान आरोपी स्टेला पायस बालकनी से कूद गई। इसके अलावा पुलिस ने दूसरे आरोपी रोमियो उर्फ स्काई को गिरफ्तार किया है।

 

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फ्लैट में बनी थी ड्रग्स लैब

पुलिस के अनुसार, आरोपी स्टेला के फ्लैट के एक कमरे में कई केमिकल और मशीनें मिली थीं, जिनके जरिए ड्रग्स बनाई जाती थी। पुलिस को 100 लीटर स्प्यूरियस केमिकल, 10 लीटर हाइड्रोक्लोरिक एसिड और 35.5 ग्राम सफेद पाउडर बरामद हुआ। इन सभी चीजों को पुलिस ने सील कर दिया है।

 

अधिकारियों ने बताया कि जब पुलिस टीम फ्लैट में घुसी, तो वहां रहने वाली स्टेला पायस कथित तौर पर फ्लैट की बालकनी से कूद गई। इसके बाद पुलिस उसे बुराड़ी सरकारी अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

 

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स्थानीय लोगों ने क्या कहा?

इलाके के एक व्यक्ति ने कहा, 'हमने देखा कि सुबह-सुबह नारकोटिक्स टीम यहां आई थी। उस फ्लैट में नाइजीरियाई नागरिक रहते थे। नारकोटिक्स टीम काफी देर तक फ्लैट में छानबीन करती रही। तभी एक नाइजीरियाई महिला ने बालकनी से पीछे खेतों में छलांग लगा दी। जांच के बाद पता चला कि ये लोग ड्रग्स बनाते थे और उनके फ्लैट में पूरी लैब बनी हुई थी।'

इसके बाद उस व्यक्ति ने कहा, 'ये लोग लगभग 1.5 साल से इस फ्लैट में रह रहे थे। इन्होंने बिल्डिंग में करीब 6 फ्लैट किराये पर ले रखे थे। इनकी संख्या भी 5 से 6 लोगों की थी। कुछ लोग इन फ्लैटों में मिलने आते थे। आज तक हमने नहीं सोचा था कि ये लोग ऐसा कोई काम कर रहे थे।'