महाराष्ट्र के ठाणे जिले में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पूर्व विधायक नरेंद्र पवार और बर्खास्त पुलिस कांस्टेबल शैलेश पाटिल के खिलाफ गैंगरेप मामले में FIR दर्ज की गई है। महिला का आरोप है कि बंदूक की नोक पर उसे बंधक बनाकर भिवंडी के बापगांव में एक फार्महाउस ले जाया गया, जहां उसे शराब पीने पर मजबूर किया गया और उसके साथ यौन उत्पीड़न किया गया। नरेंद्र पवार के वहां से जाने के बाद शैलेश पाटिल ने भी कथित तौर पर महिला का यौन उत्पीड़न किया।
पुलिस ने बताया कि महिला लंबे समय से अपनी शादी से जुड़ी कुछ परेशानियों का सामना कर रही थी। आरोपी नरेंद्र पवार ने दोनों के बीच मध्यस्थता करने की पेशकश करते हुए उसे अपने कार्यालय बुलाया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह भी पढ़ें: USA के 500% टैरिफ वाले कानून से भारत को कितना खतरा? ट्रंप ने साइन किया बिल
पति के साथ चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए बुलाया था ऑफिस
शिकायत के मुताबिक, पूर्व विधायक नरेंद्र पवार ने 22 साल की विवाहित महिला को अपने पति के साथ चल रहे विवाद को सुलझाने के बहाने से ऑफिस बुलाया था। 13 सितंबर को पवार और सहयोगी शैलेश पाटिल महिला के भिवंडी तालुका के बापगांव में एक निजी प्रॉपर्टी पर ले गए। पूर्व विधायक रात 2:00 बजे वहां से चले जाने के बाद शैलेश पाटिल ने भी यौन शोषण किया। इसके बाद में सुबह 4:00 बजे शैलेश पाटिल की प्रॉपर्टी के केयरटेकर ने पीड़िता को उसके घर छोड़ दिया।
कांग्रेस पार्षद ने की महिला की मदद
महिला इस घटना के बाद से सदमें में थी, 16 सितंबर को महिला ने कल्याण-डोंबिवली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (KDMC) की कांग्रेस पार्षद कंचन कुलकर्णी से संपर्क किया। वीडियो और लिखित सबूतों की जांच करने के बाद कंचन कुलकर्णी बुधवार देर रात उसे पडघा पुलिस स्टेशन ले गईं। पडघा पुलिस स्टेशन ने शिकायत की पुष्टि करने के बाद पवार और पाटिल के खिलाफ गैंगरेप और हथियारों के साथ आपराधिक धमकी देने जैसे आरोपों में FIR दर्ज कर लिया है।
कंचन कुलकर्णी ने आरोपियों की 48 घंटे के भीतर तुरंत गिरफ्तारी की मांग की और बताया कि पाटिल पर पहले से ही आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने कहा कि मामले की आगे की जांच चल रही है।
