बिहार में आरक्षण की समीक्षा को लेकर सियासत तेज हो गई है। हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के संरक्षक जीतन राम मांझी और लोजपा (राम विलास) के प्रमुख चिराग पासवान द्वारा आरक्षण में संशोधन और बंटवारे की मांग के बाद बिहार की सियासत गरमा गई है। अब इस मुद्दे पर विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने बड़ा बयान दिया है। तेजस्वी ने कहा कि कोई माई का लाल पैदा नहीं लिया है जो आरक्षण को खत्म कर दे।
तेजस्वी ने चिराग पासवान एवं जीतन राम मांझी पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दोनों के अलावा JDU और उपेंद्र कुशवाहा जो बीजेपी आरक्षण को खत्म करना चाहती है उसके साथ खड़े हैं। तेजस्वी ने दोनों नेताओं को चुनौती भी दी है। तेजस्वी यादव ने चिराग पासवान और जीतन राम मांझी को चुनौती देते हुए कहा कि यह लोग सत्ता की मलाई खा रहे हैं हिम्मत है तो इस्तीफा देकर जनरल सीट से चुनाव लड़े। तेजस्वी यादव ने कहा कि 2015 में मोहन भागवत ने आरक्षण की समीक्षा की बात कही थी। बिहार के लोगों ने कान पकड़कर उन लोगों को सबक सिखा दिया था। अब फिर से वही कोशिश हो रही है लेकिन बिहार की जनता सब जानती है और इसका जवाब देगी।
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आरक्षण पर मांझी और चिराग पर बरसे तेजस्वी
बिहार में इन दिनों आरक्षण की समीक्षा और उसमें संशोधन को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है। जीतन राम मांझी लगातार कह रहे हैं कि आरक्षण में संशोधन होना चाहिए और दलितों में भी जो सबसे गरीब हैं उन्हें अलग से आरक्षण मिलना चाहिए। वहीं चिराग पासवान भी आरक्षण में क्रीमी लेयर की बात कह चुके हैं। इसके बाद से ही RJD और विपक्ष लगातार हमलावर है। इसी कड़ी में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पटना में मीडिया से बात करते हुए बड़ा बयान दिया। तेजस्वी ने कहा, 'बिहार में आरक्षण को लेकर जो लोग समीक्षा की बात कर रहे हैं वे बीजेपी की भाषा बोल रहे हैं। बीजेपी शुरू से ही आरक्षण खत्म करना चाहती है। कोई माई का लाल पैदा नहीं हुआ है जो आरक्षण को खत्म कर दे। आरक्षण बाबा साहेब अंबेडकर ने दिया है। यह गरीबों, पिछड़ों, दलितों का हक है। इसे कोई खत्म नहीं कर सकता। जो लोग आरक्षण की समीक्षा की बात कर रहे हैं वह गरीब विरोधी हैं।'
तेजस्वी यादव ने चिराग पासवान और जीतन राम मांझी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा, 'चिराग पासवान और जीतन राम मांझी दोनों सत्ता में हैं। केंद्र में मंत्री हैं और बिहार सरकार में भी शामिल हैं। ये लोग सत्ता की मलाई खा रहे हैं और गरीबों के हक पर चोट कर रहे हैं। इनमें हिम्मत है तो इस्तीफा देकर जनरल सीट से चुनाव लड़ें। चिराग पासवान खुद आरक्षित सीट से चुनाव लड़ते हैं और जीतते हैं। हाजीपुर सुरक्षित सीट है वहां से वह सांसद हैं। मांझी भी सुरक्षित सीट से ही राजनीति करते आए हैं। अगर आरक्षण में इतनी ही खामी है तो ये लोग जनरल सीट से चुनाव क्यों नहीं लड़ते। सिर्फ बयानबाजी से कुछ नहीं होगा। ये लोग बीजेपी के इशारे पर काम कर रहे हैं।'
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तेजस्वी ने याद दिलाया 2015 का चुनाव
तेजस्वी यादव ने 2015 के विधानसभा चुनाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा, '2015 में मोहन भागवत ने आरक्षण की समीक्षा की बात कही थी। बिहार के लोगों ने कान पकड़कर उन लोगों को सबक सिखा दिया था। महागठबंधन की बड़ी जीत हुई थी। बीजेपी को करारी हार का सामना करना पड़ा था। बिहार के लोगों ने बता दिया था कि आरक्षण के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिहार सामाजिक न्याय की धरती है। यहां से ही लालू यादव और कर्पूरी ठाकुर ने सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ी है। यहां आरक्षण के साथ कोई समझौता नहीं होगा। जो भी आरक्षण खत्म करने की कोशिश करेगा बिहार की जनता उसे सबक सिखाएगी।'
इधर तेजस्वी के बयान के बाद एनडीए में भी हलचल तेज हो गई है। जीतन राम मांझी और चिराग पासवान लगातार आरक्षण में संशोधन की मांग कर रहे हैं जबकि JDU ने इस पर चुप्पी साध रखी है। बीजेपी ने भी इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है लेकिन तेजस्वी के हमले के बाद अब इस मुद्दे पर बिहार की सियासत और गरमाने की संभावना है। RJD ने साफ कर दिया है कि वह आरक्षण के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगा और सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेगा।
