साल 2026 में पांच राज्यों के चुनाव खत्म होते ही उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। सभी राजनीतिक दल अभी से अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। इसी बीच पूर्व IAS अधिकारी आलोक रंजन भी चर्चा में आ गए हैं। बताया जा रहा है कि वह समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के लिए यूपी चुनाव 2027 की रणनीति तैयार करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

 

राजनीतिक गलियारों में आलोक रंजन को अखिलेश यादव का बेहद भरोसेमंद रणनीतिकार माना जाता है। चर्चा है कि विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए आलोक रंजन और उनकी टीम उत्तर प्रदेश के हर जिले और शहर में SP के संभावित उम्मीदवारों का अंदरूनी सर्वे करेगी। इस सर्वे के आधार पर यह देखा जाएगा कि कौन सा उम्मीदवार जीतने की सबसे ज्यादा क्षमता रखता है और BJP को कड़ी टक्कर दे सकता है। इसके बाद ऐसे मजबूत दावेदारों की सूची अखिलेश यादव को सौंपी जाएगी, जिनके आधार पर वह टिकट वितरण को लेकर अंतिम फैसला लेंगे।

 

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कौन हैं आलोक रंजन?

आलोक रंजन 1978 बैच के IAS अधिकारी रहे हैं और उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से संबंध रखते हैं। वर्ष 2014 में उन्हें उत्तर प्रदेश का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था। उन्होंने करीब दो वर्षों तक इस पद पर कार्य किया और सेवानिवृत्ति से पहले उन्हें तीन महीने का सेवा विस्तार भी मिला। जुलाई 2016 में रिटायर होने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन्हें अपना मुख्य सलाहकार नियुक्त किया।

 

कहा जाता है कि आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे, गोमती रिवरफ्रंट, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे बनवाकर अखिलेश यादव को विकास पुरुष का तमगा दिलाने में इनका अहम योगदान है। समाजवादी पार्टी की नीतियों, चुनावी रणनीतियों और घोषणापत्र तैयार करने में आलोक रंजन की अहम भूमिका मानी जाती है। 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए सपा का घोषणापत्र तैयार करने में भी उन्होंने प्रमुख योगदान दिया था। पार्टी सूत्रों के अनुसार, सरकार को घेरने के लिए अखिलेश यादव जिन आंकड़ों और तथ्यों का इस्तेमाल करते हैं, उनकी तैयारी में भी आलोक रंजन सक्रिय भूमिका निभाते हैं।