15 अगस्त के मौके पर कई लोग घर पर तिरंगा बनाकर उसे लगाना चाहते हैं। खासकर बच्चे कागज से तिरंगा बनाकर स्कूल या घर के कार्यक्रम में इस्तेमाल करते हैं। अगर आप भी घर पर तिरंगा बनाना चाहते हैं तो इसे बनाते समय उसके रंग, आकार और अशोक चक्र का ध्यान रखना जरूरी है। भारतीय झंडा संहिता में राष्ट्रीय ध्वज के डिजाइन और इस्तेमाल को लेकर नियम दिए गए हैं।
घर पर तिरंगा बनाते समय कोशिश करें कि वह सही डिजाइन में ही बने। तिरंगे को सिर्फ तीन रंगों का कागज चिपकाकर बना देना काफी नहीं है। इसमें रंगों का क्रम सही होना चाहिए और सफेद पट्टी के बीच अशोक चक्र भी होना चाहिए। साथ ही तिरंगा बनाने के बाद उसे ऐसी जगह रखें जहां उसकी गरिमा बनी रहे।
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घर पर तिरंगा बनाने के लिए क्या चाहिए?
अगर आप कागज का तिरंगा बना रहे हैं तो केसरिया, सफेद और हरे रंग का कागज, नीले रंग का कागज या स्केच पेन, गोंद, कैंची और एक पतली स्टिक ले सकते हैं। पहले तीनों रंगों की बराबर चौड़ाई वाली पट्टियां तैयार करें। इसके बाद ऊपर केसरिया, बीच में सफेद और नीचे हरे रंग की पट्टी लगाएं। सफेद पट्टी के बीच में नीले रंग का अशोक चक्र बनाएं। राष्ट्रीय ध्वज में अशोक चक्र के 24 बराबर दूरी पर बने तीलियां होती हैं। इसके बाद कागज को ठीक से चिपकाकर स्टिक पर लगाया जा सकता है।
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तिरंगा बनाते समय इन नियमों का रखें ध्यान
राष्ट्रीय ध्वज आयताकार होता है। इसके लंबाई और चौड़ाई का अनुपात 3:2 होना चाहिए। यानी अगर तिरंगा 30 सेंटीमीटर लंबा है तो उसकी चौड़ाई 20 सेंटीमीटर रखी जा सकती है। ऊपर केसरिया, बीच में सफेद और नीचे हरा रंग होना चाहिए। सफेद पट्टी के बीच में नेवी ब्लू रंग का अशोक चक्र होना चाहिए।
अगर घर पर कागज का तिरंगा बना रहे हैं तो उसे फाड़कर, जमीन पर फेंककर या पैरों के नीचे आने देने से बचें। गृह मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रीय ध्वज को सम्मान और गरिमा के साथ प्रदर्शित करना जरूरी है। खराब या फटा हुआ तिरंगा प्रदर्शित नहीं करना चाहिए।
