'अमित शाह को लगता है कि उनकी पुलिस से डर जाएंगे? हम भगत सिंह को मानने वाले लोग हैं, तुम जितने लाठी मारोगे, हम उतने मजबूत होकर अपना हक मांगेंगे।'
यह कहना है जंतर मंतर के पास के इलाके में मौजूद कॉकरोच जनता पार्टी के एक समर्थक का। दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनकारियों ने 'चलो संसद' मार्च निकाला। यह मार्च, रेलवे गेट तक पहुंचे, उससे पहले पुलिस ने जमकर प्रदर्शनकारियों पर लाठियां बरसाईं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे, लाठीचार्ज किया, दौड़ा-दौड़ाकर आंदोलनकारियों को पीटा। पुलिस के साथ सादे वर्दी में भी कुछ लोग थे, जिनके हाथों में डंडे थे, जो प्रदर्शनकारियों को मार रहे थे।
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि संसद मार्ग पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है, इसके तहत, विरोध मार्च, जुलूस, प्रदर्शन या 5 से ज्यादा लोगों के जाने पर प्रतिबंध है। प्रदर्शनकारियों के पास इजाजत नहीं थी, इसलिए उन पर कार्रवाई की जा सकती है।
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कॉकरोच जनता पार्टी:-
किसी को इतना न डराओ कि डर ही खत्म हो जाए।
क्या कह रहे हैं प्रदर्शनकारी?
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई की निंदा की है। उनका कहना है कि पुलिस कैसे किसी के शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन कर सकती है। कई लोग इस प्रदर्शन में घायल हुए है। प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, वे संसद की ओर आगे बढ़ रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें असंवैधानिक तरीके से निशाना बनाया।
केरल से आई एक CJP समर्थक ने कहा, 'पुलिस की कार्रवाई से डर तो लगता है लेकिन आना तो पड़ेगा। अगर यह सब चलता रहेगा तो किसी न किसी को तो बोलना पड़ेगा, सरकार अपनी जवाबदेही से कैसे भाग सकती है।'
जंतर मंतर के पास मौजूद एक प्रदर्शनकारी:-
ये लोग मां-बहन की गालियां देकर मार रहे हैं। किसी की नेम प्लेट नहीं लगी है। पुलिसवाले मार रहे हैं। लड़कियों को कह रहा था कि तुम्हारे कपड़े फाड़कर नंगा भगाएंगे तुम्हें।
एक प्रदर्शनकारी ने कहा, '12 साल की एक बच्ची का सिर फाड़ दिया गया। लाठी चार्ज किया गया। मैं दफ्तर में था। दोस्तों को मारा गया। मैं भागकर यहां आया।'
कॉकरोच जनता पार्टी:-
अभिजीत दिपके, गीतांजलि, शबाना आज़मी और प्रकाश राज, ये सभी उस ट्रक में थे जिस पर पुलिस ने बेरहमी से हमला किया। उन्होंने एक प्रदर्शनकारी को, जो रास्ता दिखाने में मदद कर रहा था, घसीटा और उसे पीटने के लिए उसका पीछा किया। पुलिस को लगा कि हम डर जाएंगे लेकिन वे गलत हैं। लड़ेंगे, जीतेंगे।
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एक और प्रदर्शनकारी ने कहा, 'बहुत गलत हुआ है, जनता ही बनाई है सरकार, जनता कुछ कह रही है तो उसे सुनना चाहिए।'
क्यों ज्यादा उमड़ रहे लोग?
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह नहीं होना चाहिए। प्रदर्शन में शामिल एक वकील ने कहा, 'यह नहीं होना चाहिए, असंवैधानिक है। ऐसी कार्रवाई सरकार का रवैया दिखाती है कि वह लोकतंत्र के प्रति कितनी उदार है।' एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि जब पुलिस इतने लोगों को पीट रही है तो उन्हें बचाना हमारा काम है, हम खुद को यहां आने से रोक नहीं पाए।
