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घूमना, खाना या मूवी.. वीकेंड पर अपने दो-तिहाई पैसे कहां खर्च कर रहा शहरी भारत?

शहरी कामकाजी लोग वीकेंड पर जमकर खर्च करते हैं। PRICE और टाटा संस की रिपोर्ट के अनुसार, पूरे हफ्ते के खर्च का 61.5% हिस्सा शनिवार-रविवार को ही खर्च होता है।

Where urban India spending its salary on weekend

मनाली का मॉल रोड, Photo Credit: PTI

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शहरों में रहने वाले कामकाजी लोग पूरे हफ्ते भले ही खर्च संभलकर करते हों लेकिन वीकेंड आते ही उनकी जेब तेजी से ढीली होने लगती है। पीपल रिसर्च ऑन इंडियाज कंज्यूमर इकोनॉमी (PRICE) और टाटा संस की संयुक्त रिपोर्ट द मैनी अर्बन इंडियाज के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, शहरी उपभोक्ता पूरे हफ्ते जितना पैसा खर्च करते हैं, उसका करीब 61.5% हिस्सा सिर्फ शनिवार और रविवार यानी वीकेंड के 48 घंटों में ही खर्च कर देते हैं।

 

रिपोर्ट के मुताबिक, शहरों में रहने वाला एक आम उपभोक्ता सोमवार से शुक्रवार तक रोजमर्रा की जरूरतों और दूसरी चीजों पर औसतन 6,724 रुपये खर्च करता है। वहीं, शनिवार और रविवार को उसका औसत खर्च बढ़कर 10,732 रुपये तक पहुंच जाता है। आंकड़ों से पता चलता है कि वीकेंड पर लोग जरूरी सामान के बजाय घूमने-फिरने, मनोरंजन और लाइफस्टाइल से जुड़ी चीजों पर ज्यादा पैसे खर्च करते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि शहरी भारत वीकेंड के दौरान सबसे ज्यादा पैसा किन चीजों और कहां खर्च करता है।

 

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वीकेंड पर कहां खर्च कर रहा शहरी भारत?

वीकेंड में लोग अपनी इच्छा से किए जाने वाले खर्च पर सबसे ज्यादा पैसे खर्च कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, वीकेंड पर फैशन और कपड़ों की खरीदारी का खर्च सामान्य दिनों के मुकाबले 2.03 गुना बढ़कर 1,075 रुपये हो जाता है। वहीं, वीकडेज में लोग इस पर औसतन 529 रुपये खर्च करते हैं।

 

इसी तरह फिल्मों और मनोरंजन पर होने वाला खर्च 2.02 गुना बढ़कर 328 रुपये से 662 रुपये हो जाता है। इलेक्ट्रॉनिक्स पर खर्च भी करीब 1.99 गुना बढ़कर 350 रुपये से 695 रुपये हो जाता है। बाहर खाना खाने या फूड डिलीवरी पर खर्च 1.83 गुना बढ़कर 525 रुपये से 959 रुपये पहुंच जाता है। वहीं, रोजमर्रा की जरूरी चीजों पर खर्च में इतनी बड़ी बढ़ोतरी नहीं होती। ग्रॉसरी का खर्च 1.64 गुना और हेल्थकेयर पर खर्च 1.54 गुना बढ़ा है।

 

 

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वीकेंड पर कहां के लोग सबसे ज्यादा खर्च करते हैं?

शहरों में वीकेंड पर खर्च करने का तरीका काफी अलग-अलग है। राजस्थान की राजधानी जयपुर 2.76 गुना के वीकेंड मल्टीप्लायर के साथ देश में सबसे आगे है। इसके बाद सूरत 2.44 गुना, पुणे 2.19 गुना और कोच्चि 2.04 गुना के साथ हैं। पश्चिमी भारत 1.82 गुना के औसत के साथ वीकेंड पर सबसे ज्यादा खर्च करने वाला क्षेत्र है।

 

वहीं झारखंड का धनबाद देश का इकलौता ऐसा शहर है जहां यह आंकड़ा 0.92 गुना है। यानी धनबाद में लोग वीकेंड के मुकाबले कामकाजी दिनों में ज्यादा पैसा खर्च करते हैं।

आय और लाइफस्टाइल तय कर रहे वीकेंड का खर्च

डेटा से यह भी पता चलता है कि जैसे-जैसे लोगों की कमाई बढ़ती है वीकेंड पर उनका खर्च भी तेजी से बढ़ जाता है। जिन लोगों की मासिक आय 1 लाख रुपये से ज्यादा है वे कामकाजी दिनों में औसतन 8,622 रुपये खर्च करते हैं, जबकि वीकेंड पर उनका खर्च बढ़कर 21,779 रुपये हो जाता है। यानी वे वीकेंड पर सामान्य दिनों के मुकाबले करीब 2.53 गुना ज्यादा खर्च करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, वीकेंड पर ज्यादा खर्च करने की यह आदत महिलाओं, ज्यादा पढ़े-लिखे परिवारों और उन परिवारों में सबसे ज्यादा देखने को मिली, जहां पति-पत्नी दोनों कमाते हैं।


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