UPI से जुड़े नए चार्ज और मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के एलान के बाद डिजिटल पेमेंट सिस्टम एक बार फिर चर्चा में है। सरकार ने साफ किया है कि एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति यानी P2P पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। हालांकि, कुछ बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर नया MDR लागू होगा। इसी बीच नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के आंकड़ों से पता चलता है कि UPI ऐप के बाजार में अब भी दो विदेशी कंपनियों के ऐप का दबदबा बना हुआ है। वहीं, देश के UPI मार्केट में सरकारी बैंक SBI या NPCI का अपना ऐप BHIM सबसे आगे नहीं है।
ये दो विदेशी कंपनियां हैं वॉलमार्ट समर्थित फोनपे (PhonePe) और अल्फाबेट समर्थित गूगल पे (Google Pay)। NPCI के आंकड़ों के मुताबिक, UPI के बाजार में इन दोनों का दबदबा है। कुल UPI ट्रांजैक्शन वॉल्यूम का 80 फीसदी से ज्यादा हिस्सा इन्हीं दो कंपनियों के पास है। वहीं, BHIM और SBI जैसे बड़े नाम टॉप-5 में भी जगह नहीं बना पाए हैं।
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NPCI के मुताबिक, वित्त वर्ष 2022-23 में UPI पर करीब 8,375 करोड़ लेनदेन हुए थे। वित्त वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर करीब 20,353 करोड़ हो गए। यानी कुछ ही वर्षों में UPI का इस्तेमाल बहुत तेजी से बढ़ा। 2026 के शुरुआती महीनों में भी यह रफ्तार बनी हुई है। रिपोर्ट में अप्रैल 2026 में करीब 2,235 करोड़, मई में 2,320 करोड़, जून में 2,272 करोड़, जुलाई में 2,366 करोड़ और अगस्त में करीब 2,451 करोड़ UPI लेनदेन दर्ज हैं। इसका सरल मतलब है कि भारत में रोजमर्रा के छोटे-बड़े भुगतान के लिए UPI का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है।
चार साल में कैसे मजबूत हुई दोनों की पकड़?
NCPI के मुताबिक, फोनपे पर 1,118.51 करोड़ और गूगल पे पर 790.74 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए। दोनों ऐप्स को मिलाकर 1,909.25 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए, जो रिपोर्ट में दर्ज कुल ऐप ट्रांजैक्शन का करीब 78.3% है। वहीं, पेटीएम 196.79 करोड़ ट्रांजैक्शन के साथ तीसरे नंबर पर रहा।
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अगस्त 2022 में फोनपे पर 314.67 करोड़ और गूगल पे पर 221.27 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए थे। उस समय दोनों ऐप की कुल हिस्सेदारी करीब 80.1% थी। अगस्त 2023 में यह बढ़कर 81.8% और अगस्त 2024 में 86.8% हो गई। वहीं, 2025 में दोनों की संयुक्त हिस्सेदारी करीब 82.4% रही लेकिन अगस्त 2026 में घटकर 78.3% रह गई। यानी चार साल में दोनों ऐप पर होने वाले ट्रांजैक्शन करीब ढाई गुना बढ़े लेकिन 2026 में पहली बार दोनों की कुल हिस्सेदारी 80% से नीचे आ गई।
BHIM और SBI जैसे बड़े नाम पीछे
BHIM और SBI जैसे दूसरे UPI ऐप पर भी ट्रांजैक्शन बढ़े हैं लेकिन उनकी रफ्तार अलग रही। अगस्त 2022 में BHIM के 2.499 करोड़ और SBI ऐप के 0.539 करोड़ ट्रांजैक्शन थे। 2023 में BHIM 2.461 करोड़ और SBI 0.410 करोड़ रहा। 2024 में BHIM 2.594 करोड़ और SBI 0.9 करोड़ पर पहुंचा। 2025 में BHIM तेजी से बढ़कर 10.017 करोड़, जबकि SBI 1.299 करोड़ हुआ। अगस्त 2026 में BHIM 25.369 करोड़ और SBI 2.957 करोड़ ट्रांजैक्शन पर पहुंच गया।
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चौंकाता है CRED का आंकड़ा
NCPI के मुताबिक, CRED 1.481 करोड़ से बढ़कर 14.394 करोड़ और व्हाट्सएप 0.672 करोड़ से 18.369 करोड़ ट्रांजैक्शन पर पहुंचा। एक्सिस बैंक ऐप्स ने 14.678 करोड़ और कोटक महिंद्रा बैंक ऐप्स ने 13.779 करोड़ ट्रांजैक्शन किए। खास बात यह है कि अगस्त 2026 में CRED ने सिर्फ 14.394 करोड़ ट्रांजैक्शन के बावजूद 57,398.05 करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन वैल्यू दर्ज किया।