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तेल कंपनियों को 10 हजार करोड़ की मदद देगी सरकार, आखिर क्या है प्लान?

केंद्र सरकार ने एक ATF प्राइस स्टैबलाइजेशन फंड बनाने का फैसला लिया है जिसके तहत देश की तेल कंपनियों को 10 हजार करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।

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तेल कंपनियों की मदद करेगी सरकार, Photo Credit: ChatGPT

वैश्विक संकट के कारण भारत में तेल की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में भारत में डीजल, पेट्रोल और सीएनजी की कीमतों में भी इजाफा हुआ। विदेश की यात्रा भी महंगी हुई क्योंकि हवाई जहाज का तेल भी महंगा हुआ है। अब केंद्र सरकार ने एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) का उत्पादन करने वाली तेल कंपनियों को अधिकतम 10 हजार करोड़ की एक बार की मदद देने का एलान किया है। यह मदद घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानों के लिए लागू होगी। सरकार का कहना है कि इससे तेल कंपनियों, एविएशन कंपनियों और ग्राहकों, तीनों का फायदा होगा।

 

सरकार ने यह भी बताया है कि भारत की एयरलाइन कंपनियों को दिए जाने वाले इन पैसों पर कोई ब्याज नहीं लिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया है कि बुधवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में ATF प्राइस स्टैबलाइजेशन फंड बनाने का फैसला लिया गया है। इस बारे में सिविल एविएशन मंत्रालय की ओर से विस्तार से जानकारी दी जाएगी। 

 

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अश्विनी वैष्णव ने क्या बताया?

प्रेस कॉन्फ्रेंस संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया, 'पश्चिमी एशिया के संकट के कारण एक बड़ी समस्या उभरी है। एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमत मार्च में जो ATF 60 रुपये में था, वह मई में 142 रुपये का हो गया। इसका असर घरेलू यात्रियों पर न पड़े इसलिए सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए ATF की कीमत 75.60 रुपये पर कैप कर दी थी। घरेलू उड़ानें इससे स्थिर रहीं। हालांकि, यह संकट लंबा खिंचने से तेल कंपनियों पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। अब हमने बहुत सोच-विचार के बाद एक समाधान निकाला है।'

उन्होंने आगे कहा, 'हमने एक ATF प्राइस स्टैबलाइजेशन फंड बनाने का फैसला लिया है। इसके तहत संकट के दौरान ATF का स्थिर दाम मिलेगा और संकट के बाद इसका रीइंबर्समेंट भी मिलेगा। इससे हमारे एविएशन सेक्टर की 77 लाख नौकरियों पर आने वाला खतरा टलेगा।'

 

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कैबिनेट के अन्य फैसले

  • दिल्ली-एनसीआर से पुराने ट्रकों और बसों को हटाने के लिए नेशनल कैपिटरल रीजन प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) को मदद दी जाएदगी। इसके तहत अगले दो साल में 9585 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • ओडिशा में नया कोस्टल हाइवे बनाया जाएगा। रामेश्वर और पारादीप के बीच बनने वाले इस हाइवे की लंबाई 163.18 किलोमीटर होगी और इस पर 8300.79 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
  • तेलंगाना में 7597.16 करोड़ रुपये की लागत से दो नेशनल हाइवे 63 और नेशनल हाइवे 564 को 4 लेन का ब नाया जाएगा।

 

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