लखनऊ में स्विमिंग पूल में नहाने का शौक एक युवक पर भारी पड़ा है। बिजनौर नक्स सिटी के रहने वाले दुष्यंत गुप्ता ने नहाते वक्त जान गंवा दी है। सोमवार दोपहर को वह अपने बेटों पुलकित और उर्जित को तैराकी सिखाने के लिए पत्नी शीला के साथ कंकड़ कुआं स्थित स्वीमिंग पूल गए थे।
दुष्यंत गुप्ता जनसेवा केंद्र चलाते थे। परिजनों के अनुसार पिछले पांच दिनों से वह अपने बच्चों को तैराकी सिखाने के लिए इसी पूल पर आ रहे थे। पुलिस ने बताया कि मौके पर लाइफगार्ड भी मौजूद नहीं था।
दुष्यंत पूल में करीब 10 फीट ऊंचे डाइव प्लेटफॉर्म से छलांग लगाई, लेकिन पूल में पानी कम होने के कारण उनका सिर फर्श से टकरा गया। सिर फटने से गंभीर चोट आई और उन्हें तुरंत लोकबंधु अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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पूल में अगर पर्याप्त पानी होता तो बच जाती जिंदगी
एसीपी कृष्णानगर राजनीश सिंह के अनुसार पूल संचालक के पास लाइसेंस था या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। साथ ही पूल में पर्याप्त पानी न होने और सुरक्षा व्यवस्था की कमी को लेकर भी पूछताछ की जाएगी।
स्विमिंग पूल मैनेजमेंट से पूछताछ करेगी पुलिस
घरवालों की तरफ से अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है, लेकिन पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और पूल संचालक, कर्मचारियों को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
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लखनऊ में पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
लखनऊ में पिछले एक साल में स्वीमिंग पूल में सुरक्षा लापरवाही के कारण कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें युवाओं ने जान गंवाई है-
- 6 अप्रैल 2026 को डॉ. राम मनोहर लोहिया यूनिवर्सिटी के स्वीमिंग पूल में छात्र कुशाग्र भूषण की डूबने से मौत हो गई थी। वहां भी मौके पर लाइफ गार्ड की तैनाती नहीं थी और सुरक्षा के प्रबंध नहीं थे।
- 12 मई 2025 को बख्शी का तालाब स्थित मरीनो वाटर पार्क में सनी राठौर की डूबने से मौत हो गई थी। इसमें भी पूल संचालक की लापरवाही सामने आई थी।
- 26 सितंबर 2025 को क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर अश्विनी चतुर्वेदी की भी पीएसी बटालियन के पूल में डूबने से मौत हो गई थी। यहां भी उपकरणों के अभाव की बात सामने आई थी।