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'असम से हिमंत सरकार हटे...', रायजोर दल के साथ MoU साइन कर आए गौरव गोगोई

कंपनियों और देशों के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर तो होते रहे हैं। असम में दो पार्टियों के बीच पहली बार MoU साइन हुआ है। वजह भी दिलचस्प है।

Gaurav Gogoi

असम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई। Photo Credit: PTI

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असम में विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और रायजोर दल अब मिलकर चुनाव लड़ेंगे। दोनों दलों के बीच साल 2021 से बातचीत चल रही थी, अब जाकर सहमति बन पाई है। लंबे समय से चल रही सीट बंटवारे की बातचीत आखिरकार पूरी हो गई। गुरुवार रात को दोनों पार्टियों ने समझौता कर लिया। असम की राजनीति में पहली बार ऐसा हो रहा है कि दो राजनीतिक दलों के बीच 'मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग' (MoU) या समझौता ज्ञापन साइन हुआ है। 

अब कांग्रेस की अगुवाई वाला विपक्षी गठबंधन में कुल छह पार्टियां शामिल हो गई हैं। इनमें असम जतिया परिषद, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) और ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस भी शामिल हैं।

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क्यों कांग्रेस के साथ आया रायजोर दल?

रायजोर दल के अध्यक्ष और सिवसागर के विधायक अखिल गोगोई ने समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद कहा, 'हम असम में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार के बढ़ते अराजकता और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने के लिए एक साथ आए हैं। हमारी पार्टी गौरव गोगोई को असम का अगला मुख्यमंत्री बनाने के लिए काम करेगी।'

 

 

रायजोर दल को कितनी सीटें मिलीं?

कांग्रेस के राज्य अध्यक्ष गौरव गोगोई ने कहा कि जिन लोगों को टिकट नहीं मिल सका, उन्हें माफी मांगते हैं। उन्होंने कहा कि असम की भलाई और बीजेपी की विभाजनकारी राजनीति से राज्य को मुक्त करने के लिए सबको एकजुट होकर लड़ना होगा। उन्होंने सिविल सोसाइटी और तटस्थ नागरिकों से भी आगे आने की अपील की। सीट बंटवारे के अनुसार, रायजोर दल 13 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जिसमें उसके अध्यक्ष की सीट भी शामिल है। 

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कहां-कहां होगी फ्रैंडली फाइट?

इनमें से दो सीटों पर दोनों पार्टियों के बीच 'फ्रैंडली फाइट' हो सकती है। दोनों अलग-अलग लड़ेंगी लेकिन दोस्ताना तरीके से एक-दूसरे के खिलाफ उतर सकते हैं।

गौरव गोगोई, अध्यक्ष, असम कांग्रेस:-
साल 2021 में हमने सपना देखा था कि असम जातीय परिषद, रायजोर दल और कांग्रेस पार्टी एक साथ होना चाहिए। एक साथ नहीं हुए, सबका नुकसान हुआ। लोग हमें एक साथ देखना चाहते हैं। सभी दलों ने बलिदान ने दिया, असम जातीय दल ने बलिदान किया। इस बार, कांग्रेस, रायजोर दल, असम जातीय परिषद, CPI-M और CPI-ML एक साथ आए हैं।

गौरव गोगोई ने कहा, 'मैं बाकी सभी पार्टियों से अपील करता हूं कि वे हमारे साथ आएं ताकि राज्य से हिमंत बिस्वा सरमा सरकार को विदा किया जा सके। इस गठबंधन का मकसद सभी के लिए विकास और सभी के लिए ज़मीन के अधिकार हैं। हम एक नया असम बनाने के लिए एक साथ आए हैं।'

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गौरव गोगोई:-
गठबंधन का मुद्दा है, नया असम। असम का विकास। एक नया असम जहां सबका विकास हो, न कि एक परिवार को 12 हजार बीघा मिले। असम की शिक्षा नए युग की हो, नई पीढ़ी तैयार हो। नए असम के लिए हम एकजुट हुए हैं। हिमंत बिस्व सरमा की डराने, धमकाने और विभाजन की नीति को खत्म करने के लिए हम साथ आए हैं।

कांग्रेस और रायजोर दल के बीच गठबंधन और सीटों के बंटवारे पर असम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि असम के लोग पहले ही हमें एक होते देखना चाहते थे। उन्होंने कहा कि सभी दल इसलिए साथ आ रहे हैं, जिससे असम से हिमंत बिस्व सरमा की सरकार खत्म हो सके।

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गठबंधन का गुणा-गणित क्या है?

कांग्रेस ने अब तक 87 उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। प्रतीक बोरदोलोई ने मार्गेरिटा सीट से नाम वापस ले लिया। उनके पिता और सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी की सदस्यता ले ली है। बाकी चार पार्टियां कुल 15 सीटों पर लड़ेंगी। कुछ सीटों पर फैसला होना अभी बाकी है। असम की 126 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में 9 अप्रैल को मतदान होगा। 4 मई को नतीजे आएंगे। 


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