सिनेमाघरों में हर हफ्ते कई फिल्में रिलीज होती हैं। कुछ फिल्मों को अच्छा रिव्यू मिलता है। कुछ को दर्शकों और क्रिटिक्स का नेगेटिव रिव्यू मिलता है। पिछले कुछ समय में एक ट्रेंड देखा गया है जिसमें जब किसी एक जोनर की फिल्म हिट हो जाती है तो मेकर्स उसी तरह की फिल्में दिखाना शुरू कर देते हैं। उदाहरण के लिए अगर रणबीर कपूर की 'एनिमल' में उन्हें अल्फा मेल के रूप में दिखाया गया है जो कि बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट थी। तब मेकर्स लीड कैरेक्टर्स को उसी तरह से जनता के सामने दिखाते हैं ताकि फिल्म का बिजनेस अच्छा हो।
हम सभी जानते हैं कि फिल्म के रिलीज से पहले स्क्रीनिंग रखी जाती है। इस स्क्रीनिंग में पॉपुलर फिल्म क्रिटिक्स को बुलाया जाता है। लोगों को लगता है कि फिल्म क्रिटिक्स निष्पक्ष होकर रिव्यू लिखते हैं लेकिन यह सच नहीं है। फिल्म क्रिटिक्स अनमोल जामवाल ने 'टू गर्ल्स टू कप्स' को दिए पॉडकास्ट में बताया कि फिल्म की स्क्रीनिंग पर क्या होता है?
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फिल्म की स्क्रीनिंग पर क्या होता है?
अनमोल ने बताया, 'वह पहले फिल्म की स्क्रीनिंग पर जाते थे लेकिन बाद में उन्होंने जाना बंद कर दिया। इससे जुड़ा उन्होंने किस्सा भी सुनाया। उन्होंने बताया कि वह एक फिल्म की स्क्रीनिंग पर गई थी। फिल्म जैसे ही खत्म हुई पीआर टीम हमें बाहर ले गई और हमने देखा कि वह ऐक्टर खड़ा है और वह हमसे पूछ रहा है कि आपको फिल्म कैसी लगी? उसके सामने वह बोले कि फिल्म में आपका काम अच्छा है।'
उन्होंने आगे कहा, 'इसके बाद मैंने देखा कि क्रिटिक्स बाहर आए और ऐक्टर के साथ सेल्फी लेने लग गए। जैसे ही वह ऐक्टर गया क्रिटिक्स का जो अपना सर्कल है। वे सभी कहने लगे कि कितनी बेकार फिल्म थी। मुझे समझ गया कि उस समय फिर आपके अपने विचार खत्म हो गए।'
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क्या है पेड रिव्यू का सच?
अनमोल ने आगे बताया कि मेरे पास कॉल आता है। वह कहता है आप एक लाइन में अपना रिव्यू और स्टार बता दो। हम आपकी फोटो के पोस्टर में शेयर करेंगे। उस पोस्टर में हम दिख भी नहीं रहे होते हैं। मैं बताना चाहता हूं कि निर्देशक और निर्माता ही खुद पेड़ रिव्यू लिखवाते हैं और फिर कहेंगे कि कितनी नेगेटिविटी फैल रही है? आपने खुद लोगों को खरीदा है और फिर खुद ऐसा बोल रहे हैं।