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रेसिप्रोकल, बेसलाइन और डिस्काउंटेड टैरिफ, इन तीनों का अंतर समझिए

ट्रंप ने कई देशों पर अलग-अलग टैरिफ लगाए हैं। इसमें बेसलाइन, डिस्काउंट और रेसिप्रोकल टैरिफ शामिल है। तीनों एक-दूसरे से कितने अलग है आइये समझें।

Baseline Tariff, Discount Tariff, Reciprocal Tariff Differences

डोनाल्ड ट्रंप, Photo Credit: PTI

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत समेत कई देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगा दिया है। ट्रंप ने इस टैरिफ को डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ का नाम दिया है। ऐसे लगभग 100 देश है जिन पर अमेरिका ने डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया है। इस लिस्ट में ऐसे देश भी हैं जिन पर अमेरिका ने बराबर टैरिफ लगाया है। वहीं ट्रंप ने 10 फीसदी का बेसलाइन टैरिफ भी लगाया है। अमेरिका ने जो बेसलाइन टैरिफ, रेसिप्रोकल टैरिफ और डिस्काउंट टैरिफ लगाए हैं ये एक-दूसरे से कितने अलग है? तीनों टैरिफ में क्या अतंर है आइये समझें... 

 

बेसलाइन टैरिफ, रेसिप्रोकल टैरिफ और डिस्काउंट टैरिफ में अंतर

बेसलाइन टैरिफ (Baseline Tariff)


यह किसी देश द्वारा सभी देशों पर समान रूप से लागू किया जाने वाला न्यूनतम इम्पोर्ट ड्यूटी होता है। यह स्टैंडर्ड टैरिफ रेट होता है, जिसे बिना किसी विशेष व्यापार समझौते के लागू किया जाता है। उदाहरण के तौर पर समझें तो अमेरिका अगर चीन, भारत और यूरोप से आयात होने वाले स्टील पर समान 10 फीसदी टैरिफ लगाता है तो इसे बेसलाइन टैरिफ कहेंगे। यह एक फिक्स्ड दर होती है, जो समय-समय पर बदली जा सकती है।

 

यह भी पढ़ें: दूसरे देशों में टैरिफ लगाकर अमेरिका को 'Great' बनाएंगे ट्रंप? समझिए

 

ट्रंप ने जिन देशों में बेसलाइन टैरिफ लगाया, वो है..

  • ब्रिटेन
  • सिंगापुर
  • ब्राजील
  • ऑस्ट्रेलिया
  • न्यूजीलैंड
  • तुर्की
  • कोलंबिया
  • अर्जेंटीना
  • अल सेल्वाडोर
  • संयुक्त अरब अमीरात (यूएई)
  • सऊदी अरब

यह भी पढ़ें: भारत पर 26%, चीन पर 34%; ट्रंप ने 185 देशों पर लगाया रेसिप्रोकल टैरिफ

रेसिप्रोकल टैरिफ (Reciprocal Tariff)

यह 'तुम मुझे जितना टैरिफ दोगे, मैं भी उतना ही दूंगा' जैसे सिद्धांत पर चलता है। जब एक देश किसी दूसरे देश पर उसी तुलना में टैरिफ लगाता है, जितना वह खुद लगाता है, तो इसे रेसिप्रोकल टैरिफ कहते हैं। उदाहरण के लिए अगर भारत, अमेरिका से आयातित इलेक्ट्रॉनिक्स पर 20% टैरिफ लगाता है, तो अमेरिका भी भारत से आयात होने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स पर 20% टैरिफ लगा सकता है। यह एक तरह से जवाबी कार्रवाई (Tit-for-Tat Policy) होती है।

 

स्पेसिफिक रेसिप्रोकल टैरिफ का सामना करने वाले कुछ देश:

  • यूरोपीय संघ (20%)
  • चीन (34%)
  • वियतनाम (46%)
  • थाईलैंड (36%)
  • जापान (24%)
  • कंबोडिया (49%)
  • दक्षिण अफ़्रीका (30%)
  • ताइवान (32%)

यह भी पढ़ें: ‘कमला हैरिस के खिलाफ काम कर रहे थे ओबामा’, नई किताब में खुलासा

डिस्काउंट टैरिफ (Discount Tariff)

यह एक रियायती टैरिफ है, जो व्यापार समझौतों या कूटनीतिक संबंधों के आधार पर किसी देश को दिया जाता है। इसका उपयोग व्यापारिक संबंध सुधारने और रणनीतिक साझेदारी बनाने के लिए किया जाता है। उदाहरण के लिए, अमेरिका ने कुछ विकासशील देशों को कुछ उत्पादों पर कम टैरिफ या टैरिफ-फ्री एक्सेस दिया है। इसमें भारत का नाम शामिल है।  

ट्रंप ने भारत पर 26 फीसदी 'डिस्काउंटेड टैरिफ' लगाया है। देखा जाए तो भारत अमेरिका पर 52 फीसदी टैरिफ लगाता है। 


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