पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के डेरा इस्माइल में बड़ा आत्मघाती हमला हुआ है। अब तक 12 लोगों की मौत और 35 लोगों के घायल होने की सूचना है। आत्मघाती हमलावर ने डेरा इस्माइल खान स्थित अमन मेला पुलिस चौकी से बारूद से ट्रैक्टर-ट्रॉली भिड़ा दी। भीषण हमले में एक दर्जन से अधिक लोगों की जान चली गई। मौके पर भारी सुरक्षाबलों और बम निरोधक दस्ते को भेजा गया है।
पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। चौकी का एक बड़ा हिस्सा तबाह हो गया। आसपास बने मकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा। जान गंवाने वालों में दो महिलाएं और एक नाबालिग समेत नौ पुरुष शामिल हैं। 25 घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
यह भी पढ़ें: ट्रंप को शुक्रिया, भारत को जंग की धमकी, UNGA में क्या दांव चल रहे शहबाज शरीफ?
अमन मेला चौकी खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान सीमा के पास डेरा इस्माइल खान-क्वेटा रोड पर मुगलकोट-दाराजिंदा के बीच में स्थित है। इस चौकी का इस्तेमाल वाहनों की जांच में किया जाता था। इलाके में मोबाइल सेवा उपलब्ध न होने के कारण बचाव अभियान में दिक्कतें आ रही हैं।
उधर, पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और खैबर पख्तूनख्वा के राज्यपाल फैसल करीम कुंडी ने आत्मघाती हमले पर दुख प्रकट किया और 'फितना अल-हिंदुस्तान ख्वारिज' पर हमले का आरोप लगाया। बता दें कि पाकिस्तान की सेना ने हाल ही में यह नया नाम गढ़ा है। इसका इस्तेमाल तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के लिए किया जाता है। इस नाम का मकसद पाकिस्तान की नाकामियों को भारत के ऊपर मढ़ना है।
पाकिस्तान का खैबर पख्तूनख्वा प्रांत पिछले कुछ वर्षों से उग्रवाद की भीषण लहर से जूझ रहा है। 18 सितंबर को ही कोहाट जिले में एक बड़े आत्मघाती हमले को अंजाम दिया गया था। इसमें 17 पुलिसकर्मियों समेत 31 लोगों की जान गई थी और 100 लोग घायल हुए थे। 10 दिन के भीतर दूसरे बड़े हमले ने पाकिस्तान को हिलाकर रख दिया है। पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज की रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई महीने में खैबर पख्तूनख्वा में 36 उग्रवादी हमलों को अंजाम दिया गया। अगस्त में यह संख्या बढ़कर 54 हो गई।
यह भी पढ़ें: क्या जंग में कूद जाएंगे तुर्की-पाक? सऊदी अरब में सेना प्रमुखों की बड़ी बैठक
कोहाट हमले के बाद पाकिस्तान की सेना ने अफगानिस्तान दो में बार एयर स्ट्राइक को अंजाम दिया। 21 सितंबर को पहली स्ट्राइक की गई। इसमें तीन लोगों की जान गई। 23 सितंबर को दूसरी स्टाइक में चार लोगों की मौत हुई। पाकिस्तान ने दावा किया कि उसने 28 आतंकियों को मार गिराया है। लेकिन स्वतंत्र रूप से यह पुष्टि नहीं हो सकी।
पाकिस्तान पड़ोसी देश अफगानिस्तान पर टीटीपी को पनाह देने का आरोप लगाता है। हालांकि काबुल इससे साफ इनकार करता है। मगर लगातार हवाई हमलों और निर्दोष नागरिकों की मौत के बाद इस्लामाबाद और काबुल के बीच तनाव बेहद चरम पर पहुंच चुका है। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कई स्थानों पर पाकिस्तान सेना और तालिबान बलों के बीच गोलाबारी की खबरें आ रही हैं। तालिबान ने पाकिस्तान की एक सैन्य चौकी उड़ाने का भी दावा किया।