पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में अमेरिकी राष्ट्रपति
डोनाल्ड ट्रंप
को ऑपरेशन सिंदूर कथित तौर पर रुकवाने के लिए शुक्रिया कहा है। भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान के खिलाफ 'ऑपरेशन सिंदूर' का एलान किया था। 4 दिन के इस सैन्य टकराव में पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ था।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार दावा करते हैं कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता कराई, टैरिफ लगाने की धमकी दी, जिसके बाद भारत ने युद्ध रोक दिया। अब डोनाल्ड ट्रंप के 'समय पर हस्तक्षेप' के लिए शहबाज शरीफ ने धन्यवाद दिया है।
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भारत को धमकी क्यों देने लगे शहबाज शरीफ?
शहबाज शरीफ ने UNGA के मंच से चेतावनी दी है कि सिंधु नदी के पानी में पाकिस्तान के हिस्से को रोकने, बाधित करने या मोड़ने की कोई भी कोशिश युद्ध का कृत्य मानी जाएगी। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में दिए गए अपने संबोधन में उन्होंने इसे दक्षिण एशिया के लिए बेहद संवेदनशील मुद्दा बताया।
ट्रंप को बार-बार शुक्रिया क्यों कह रहे शहबाज शरीफ?
शहबाज शरीफ ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप का हस्तक्षेप उस निर्णायक मोड़ पर आया था, जब दोनों परमाणु संपन्न पड़ोसी देश बड़े युद्ध के कगार पर खड़े थे। उन्होंने कहा कि अगर उस वक्त डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्टता और तत्परता के साथ कदम नहीं उठाया होता, तो पता नहीं कितनी बड़ी तबाही हो सकती थी।
भारत ने ट्रंप के हस्तक्षेप को खारिज किया है
विदेश मंत्रालय ने बार-बार कहा है कि मई 2025 में हुआ युद्धविराम दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत से हुआ था और इसमें किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं थी। शहबाज शरीफ ने यह भी दावा किया कि इस टकराव के दौरान पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत आत्मरक्षा का अपना अधिकार इस्तेमाल किया। उन्होंने फील्ड मार्शल सैयद असीम मुनीर के नेतृत्व में पाकिस्तानी सेना की भी तारीफ की।
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सिंधु जल संधि पर भारत को धमका रहे शहबाज शरीफ?
शहबाज शरीफ ने सिंधु जल संधि को लेकर भी भारत पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सिंधु नदी प्रणाली का साझा पानी सिर्फ पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए जीवनरेखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संधि को स्थगित रखने का भारत का फैसला पूरी तरह गैरकानूनी है।
उनके मुताबिक भारत के इस रुख और कार्रवाई को संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों और हाल ही में कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन ने भी खारिज किया है। शहबाज शरीफ ने कहा कि यह संधि अब भी पूरी तरह वैध और प्रभावी है और उनका यही पक्ष सही साबित हुआ है।
शहबाज शरीफ ने कहा कि पानी को कभी हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए और नदियां देशों को जोड़ने का काम करती हैं, न कि बांटने का। उन्होंने साफ कहा कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकने, बाधित करने या मोड़ने की कोई भी कोशिश जंग की कोशिश समझी जाएगी।
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ऑपरेशन सिंदूर क्या है?
6 से 7 मई 2025 की रात में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकियों ने भारत को दहलाने की कोशिश की थी। इस हमले में आतंकियों ने आम नागरिकों को निशाना बनाया था, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान का पानी रोक दिया था। सिंधु जल संधि पर भारत और पाकिस्तान ने 19 सितंबर 1960 को हस्ताक्षर किए थे। यह सिंधु नदी के पानी के इस्तेमाल को नियंत्रित करती है। अब पाकिस्तान इसे बहाल करने के लिए वैश्विक मंचों पर गिड़गिड़ा रहा है।