अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर मंगलवार रात 8 बजे तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खोल दिया जाता तो अमेरिका ईरान के बिजली घरों, पुलों, तेल कुओं और अन्य सुविधाओं पर हमला करेगा। डोनाल्ड ट्रंप, अब युद्ध अपराधों पर उतर आए हैं। ज्यादातर अमेरिकी अखबारों ने उनकी इस योजना की निंदा की है। बर्नी सैंडर्स जैसे डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने डोनाल्ड ट्रंप की कड़े शब्दों में आलोचना की है और उनकी मानसिक स्थिति पर सवाल उठाए हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान के बार में कई अपशब्द लिखे। उन्होंने दावा किया कि मंगलवार को ईरान में पावर प्लांट डे और ब्रिज डे होगा। उन्होंने कहा कि अगर होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोला जाता है तो ईरान को नरक में तब्दील कर देंगे। उन्होंने पहले भी कई बार डेडलाइन तय की, लेकिन बार-बार टाल देते हैं। इस बार ट्रंप के इरादे ज्यादा खतरनाक नजर आ रहे हैं। अमेरिकी अखबारों का कहना है कि अगर अधिकारी, ट्रंप की बात मानते हैं तो वे युद्ध अपराध में शामिल होंगे।
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ट्रंप ने ऐसा क्या कहा कि अमेरिका में बवाल मचा?
ट्रंप ने व्हाइट हाउस में ईस्टर एग रोल कार्यक्रम के दौरान प्रेस से कहा कि उन्हें युद्ध अपराध की चिंता नहीं है। उन्होंने कहा, 'युद्ध अपराध तो ईरान को परमाणु हथियार देना है।' उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना के पास प्लान तैयार है, जिसमें ईरान के हर पुल और हर बिजली घर को कुछ घंटों में नष्ट किया जा सकता है।
क्या अब जुर्म करेंगे डोनाल्ड ट्रंप?
अंतरराष्ट्रीय कानून, डोनाल्ड ट्रंप के फैसले के खिलाफ हैं। नागरिक सुविधाओं जैसे बिजली घरों और पुलों पर हमला करना जेनेवा कन्वेंशन का उल्लंघन माना जाता है। यह युद्ध अपराध हो सकता है। संयुक्त राष्ट्र ने भी कहा कि साफ-साफ नागरिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है।
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मानवाधिकारों, वैश्विक नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने पहले भी कई बार ऐसे बयान दिए हैं। 2015-16 में उन्होंने आतंकवादियों के परिवारों को मारने और टॉर्चर की बात की थी। 2020 में ईरान की सांस्कृतिक जगहों पर हमले की धमकी दी थी। हाल के महीनों में भी अमेरिका की कुछ कार्रवाइयों पर युद्ध अपराध के सवाल उठे थे। अब ट्रंप का कहना है कि ईरान के लोग खुद इन हमलों का स्वागत करेंगे क्योंकि इससे उन्हें आजादी मिल सकती है।
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ट्रंप के फैसले से क्या होगा?
अगर हमला होता है तो ईरान के आम लोग बिजली, पानी और ट्रांसपोर्ट सुविधाओं से दूर हो जाएंगे। इसका असर, महीनों या कई साल तक बना रह सकता है। डोनाल्ड ट्रंप, बार-बार ऐसे बयान दे रहे हैं, जिसकी वजह से उनके बयानों पर यकीन करना मुश्किल है।
अब उन्होंने साफ कहा है कि अगर समझौता नहीं हुआ तो कार्रवाई होगी। इस स्थिति से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बहुत बढ़ गया है और दुनिया भर में चिंता है। ट्रंप ईरान पर दबाव बनाने के लिए सख्त रुख अपना रहे हैं, लेकिन इससे युद्ध अपराध की आशंका पनप रही है। ईरान ने जवाब में कहा कि ट्रंप, ईरान को समझ नहीं पा रहे हैं।