संयुक्त राष्ट्र महासभा में अमेरिकी राष्ट्रपति
डोनाल्ड ट्रंप
ने ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि उनके सामने एक बड़ा फैसला है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ईरान के साथ ऐसा समझौता किया जाए जिससे वह दोबारा विकास कर सके और मध्य पूर्व के सबसे मजबूत देशों में शामिल हो या फिर इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ कड़ा कदम उठाया जाए। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के सामने दोनों रास्ते खुले हैं।
हालांकि, अपने भाषण में डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की उम्मीद है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद दोनों देशों के बीच डील हो सकती है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान भी यह देखना चाहता है कि मध्यावधि चुनाव में उनका प्रदर्शन कैसा रहता है। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद समझौते की दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है।
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ट्रंप ने किया बड़ा दावा
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं देगा। उन्होंने कहा कि वह किसी खतरे को भविष्य के लिए छोड़ने में विश्वास नहीं रखते और समस्याओं को बढ़ने देने के बजाय समय रहते उनका समाधान करना चाहते हैं। ट्रंप ने पिछले साल के अपने बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने दावा कि था कि अमेरिका ने ईरान की परमाणु क्षमताओं को काफी नुकसान पुहंचाया है।
ट्रंप के भाषण के दौरान बाहर निकला ईरानी प्रतिनिधिमंडल
जब ट्रंप ने ईरान के खिलाफ पिछले छह महीनों में हुई सैन्य कार्रवाई का जिक्र किया तब ईरानी प्रतिनिधिमंडल सभा से बाहर चला गया। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल में केवल एक व्यक्ति अपनी सीट पर मौजूद रहा। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव का असर वैश्विक अर्थव्यवस्ता पर भी पड़ा है। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनाव के कारण तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर चिंता बढ़ी है।
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हथियारों की कमी के दावों को ट्रंप ने खारिज किया
डोनाल्ड ट्रंप ने उन दावों को भी खारिज किया जिनमें कहा जा रहा था कि अमेरिका के पास गोला-बारूद की कमी हो रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास जरूरत से ज्यादा सैन्य संसाधन हैं और देश अपने हथियारों के भंडार को पहले से कहीं तेजी से बढ़ा रहा है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अत्याधुनिक हथियारों का उत्पादन बढ़ा रहा है और अपने सैन्य भंडार को लगातार मजबूत कर रहा है।