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अमेरिका में रुबियो से मिले जयशंकर, 100% टैरिफ पर क्या कहा?

विदेश मंत्री जयशंकर ने मार्को रुबियो से मुलाकात की। उन्होंने रूसी तेल पर 100 फीसद टैरिफ पर भारत की चिंताओं और हितों के बारे में अवगत कराया। हाल ही में भारत ने स्पष्ट किया है कि टैरिफ से द्विपक्षीय संबंधों पर असर पड़ सकता है।

Marco Rubio-Jaishankar meeting

रुबियो से मिले विदेश मंत्री जयशंकर। (Photo Credit: X/@DrSJaishankar)

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संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के इतर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने खाड़ी देशों के मुद्दे और यूक्रेन युद्ध पर बातचीत की। इसके अलावा जयशंकर ने अंतरराष्ट्रीय समझौतों के संबंध में भारत की चिंताओं से रुबियो को अवगत कराया। जयशंकर और रुबियो की यह मुलाकात रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100 फीसद तक टैरिफ लगाने वाले अमेरिकी विधेयक के पारित होने के बाद हो रही है।

 

विदेश मंत्री जयशंकर ने मार्को रुबियो के साथ मुलाकात की तस्वीरें साझा की। इसमें उन्होंने लिखा, 'अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो से मिलकर अच्छा लगा। SRIA के संबंध में भारत के हितों और चिंताओं को दोहराया। साथ ही खाड़ी और यूक्रेन की स्थितियों पर भी चर्चा की।' संयुक्त राष्ट्र महासभा का 81वां सत्र 22 सितंबर से शुरू हुआ है और 28 सितंबर तक चलेगा।

 

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क्या है 100% टैरिफ का पूरा मामला?

रूसी तेल पर 100 फीसद तक टैरिफ लगाने वाला 'लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान बिल' अमेरिका के सीनेट और प्रतिनिधि सभा से पारित हो गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बिल पर हस्ताक्षर भी कर चुके हैं। इस नए कानून में चीन और भारत समेत रूसी तेल के पांच बड़े खरीदारों पर 100 फीसद तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है। कानून में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को टैरिफ लगाने की शक्ति दी गई है। अब यह ट्रंप के रुख पर निर्भर करेगा कि वे किस देश पर कितना टैरिफ लगाते हैं। अभी क्रमश: चीन, भारत, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान रूस से तेल खरीदने वाले सबसे बड़े देश हैं।

 

100 फीसद टैरिफ पर भारत ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। नई दिल्ली का कहना है कि अगर टैरिफ लगाई गई तो भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों पर असर पड़ सकता है। वैश्विक ऊर्जा बाजार भी प्रभावित हो सकता है। भारत इस मुद्दे पर अमेरिकी से उच्च स्तर पर बातचीत कर रहा है।

कई देशों के साथ भारत की द्विपक्षीय बैठक

अमेरिका के अलावा विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने फ्रांस और संयुक्त अरब अमीरात के साथ द्विपक्षीय बैठकों में हिस्सा लिया। इसके अलावा भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान वाले जी4 समूह के देशों के विदेश मंत्रियों ने भी बैठक की। विदेश मंत्री जयशंकर ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी, फिलीपींस के विदेश सचिव मा. टेरेसा लाजारो और जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वेडफुल से भी मुलाकात की। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल से के साथ भी जयशंकर ने न्यूयॉर्क में बैठक की। 

 

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फ्रांस और यूएई के साथ हुई द्विपक्षीय बैठकों के बारे में विदेश मंत्री जयशंकर ने लिखा, 'कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), अंतरिक्ष, स्वास्थ्य विज्ञान, ऊर्जा और संस्कृति के क्षेत्रों में सहयोग चर्चा का मुख्य विषय रहा। हमारे साझा हित और एक-दूसरे की पूरक क्षमताएं सहयोग के लिए व्यापक संभावनाएं उपलब्ध कराती हैं। चर्चा को आगे बढ़ाने के लिए जल्द ही फिर से बैठक किए जाने पर सहमति बनी।'

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