logo

मूड

ट्रेंडिंग:

सऊदी अरब पर हूतियों ने कर दिया हमला, क्या जंग में कूदेंगे तुर्की और पाकिस्तान?

हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर सशस्त्र हमला कर दिया है। अब देखना है कि समझौते के मुताबिक तुर्की और पाकिस्तान मदद को आते है या नहीं।

Saudi Arabia news

अरामको प्लांट पर हूती विद्रोहियों का हमला। (Photo Credit: Social Media)

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए मक्का रक्षा समझौते के दो दिन बाद यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर बड़े हमले का दावा किया है। हूती के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने बताया कि सऊदी अरब के जिजान शहर में स्थित अरामको की एक रिफाइनरी को ड्रोन से निशाना बनाया गया। 

 

उधर, सऊदी अरब ने कहा कि जिजान अरामको प्लांट में लगी आग पर काबू पा लिया गया है। इसमें कोई हताहत नहीं हुआ है। हूती विद्रोहियों ने बताया कि यमन के हज्जा और सादा प्रांत में सऊदी ड्रोन ने एयरस्पेस का उल्लंघन किया। इसके जवाब में ही अरामको प्लांट पर हमला किया गया। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या समझौते के मुताबिक पाकिस्तान और तुर्की जंग में कूदेंगे। यह देखना बेहद दिलचस्प होगा।

 

यह भी पढ़ें: मोजतबा खामेनेई मार गए? ईरान ने शेयर किया 'जिंदा' होने का सबूत

बिल्कुल सटीक हमला किया: हूती

हूती के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने एक पर लिखा, 'समूह ड्रोन से जिजान में अरामको रिफाइनरी को निशाना बनाने में सफल रहा। हमला सटीक था।' सऊदी अरब ने भी आग लगने की बात मानी है, लेकिन किसी भी तरह के हमले की पुष्टि नहीं की है। 13 जुलाई को सना एयरपोर्ट पर बमबारी के बाद हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच तनाव बिल्कुल चरम पर पहुंच चुका है। पिछले महीने भी अरामको के जिजान प्लांट पर हूतियों ने हमला किया था

सऊदी अरब की समुद्री नाकेबंदी

20 जुलाई को हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब की नाकेबंदी का ऐलान किया था। इसके बाद सऊदी अरब के स्वामित्व वाले कई तेल टैंकरों पर हमला हो चुका है। लाल सागर में समुद्री यातायात भी प्रभावित हुआ है।

 

यह भी पढ़ें: होर्मुज समझौते के करीब ओमान-ईरान, इसमें क्या खास; इसकी सफलता ट्रंप पर क्यों टिकी

हूतियों के निशाने पर अल-मखा बंदरगाह

हूती विद्रोहियों ने पिछले हफ्ते यमन के अल-मखा बंदरगाह पर बड़ा हमला किया था। बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था। अब खबर आ रही है कि हूति विद्रोही अल-मखा बंदरगाह पर दोबारा कब्जा करना चाहते हैं। अगर यहां हूती विद्रोहियों का कब्जा हो जाता है तो यह सऊदी अरब की बड़ी रणनीतिक हार होगी, क्योंकि इस बंदरगाह से लाल सागर और अरब सागर ने आने वाले समुद्री यातायात पर निगाह रखी जा सकती है।

 


और पढ़ें