अमेरिका में जब से डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति बने हैं, तब से अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस बीच मिनियापोलिस में इमिग्रेशन एंड कस्टम इन्फोर्समेंट (ICE) एजेंट ने कार में बैठी एक महिला को गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद लोग सड़कों पर उतर आए हैं।
न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) की प्रवक्ता ट्रिशिया मैकग्लॉघनिक ने एक बयान जारी कर दावा किया कि यह गोलीबारी एक रिहायशी इलाके में हुई है। इमिग्रेशन एजेंट ने गोली तब चलाई, जब 37 साल की महिला ने मौके पर मौजूद अफसरों पर हमला करने की कोशिश की। महिला का नाम रेनी गुड बताया जा रहा है।
इस घटना के बाद से अमेरिका में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। न्यूज एजेंसी ने बताया कि 2024 से अब तक कई राज्यों में इमिग्रेशन पॉलिसी लागू करने से जुड़े ऑपरेशन के दौरान हुई यह 5वीं मौत है।
यह भी पढ़ें-- बराबर मौका और उचित बंटवारा, समाजवादी नीति ने वेनेजुएला जैसे कितने देश डुबा दिए?
ट्रंप ने क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिनियापोलिस में महिला को गोली मारने की घटना में शामिल एजेंट का बचाव करते हुए कहा कि यह आत्मरक्षा का मामला लग रहा है।
इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। ट्रंप ने इस पर रिएक्ट करते हुए कहा कि वीडियो देखने में बहुत भयानक था और आरोप लगाया कि महिला ने जानबूझकर ऑफिसर को निशाना बनाया था।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'मैंने अभी मिनियापोलिस में हुई घटना का क्लिप देखा है। यह देखना बहुत भयानक है। चिल्लाने वाली महिला साफ तौर पर एक प्रोफेशनल हंगामा करने वाली थी और कार चलाने वाली महिला बहुत ही बदतमीज थी, रुकावट डाल रही थी और विरोध कर रही थी, जिसने फिर हिंसक रूप से जानबूझकर और बेरहमी से ICE ऑफिसर को कुचल दिया और उसने शायद अपनी जान बचाने के लिए उसे गोली मार दी।'

उन्होंने कहा कि एजेंट का अस्पताल में इलाज चल रहा है और वह ठीक हो रहा है। ट्रंप ने कहा, 'ये घटनाएं इसलिए हो रही हैं क्योंकि कट्टरपंथी वामपंथी रोजाना हमारे कानून प्रवर्तन अधिकारियों और ICE एजेंटों को धमकी दे रहे हैं, उन पर हमला कर रहे हैं और उन्हें निशाना बना रहे हैं।'
उन्होंने आगे लिखा कि 'हमें अपने कानून प्रवर्तन अधिकारियों के साथ खड़ा होना चाहिए और उन्हें हिंसा और नफरत के इस कट्टरपंथी वामपंथी आंदोलन से बचाना चाहिए।'
यह भी पढ़ें-- तो चली जाएगी ट्रंप की कुर्सी! कहां बिगड़ रहा अमेरिकी राष्ट्रपति का सियासी गणित?
डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने क्या कहा?
डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने भी अपने एजेंट का बचाव किया है और महिला को दंगाई बताया है। DHS ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'मिनियापोलिस में ICE अधिकारी टारगेटेड ऑपरेशन कर रहे थे, तभी दंगाई ICE अधिकारियों को रोकने लगे और इन हिंसक दंगाइयों में से एक ने अपनी गाड़ी को हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया, और हमारे अधिकारियों को जान से मारने की कोशिश में उन पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की। यह घरेलू आतंकवाद का एक काम था।'
पोस्ट में लिखा गया है कि अपनी और साथियों की जान बचाने के लिए ICE एजेंट ने महिला को गोली मारी, जिससे उसकी मौत हो गई।
DHS ने दावा करते हुए कहा कि इमिग्रेशन से जुड़ी कार्रवाइयों के दौरान हमारे एजेंट के खिलाफ हमलों में 1,300% और जान से मारने की धमकियों के मामलों में 8,000% की बढ़ोतरी हुई है।
यह भी पढ़ें-- ईरान में प्रदर्शन में 35 की मौत, ट्रंप को मिली धमकी; अमेरिका दे सकता है दखल
गोलीबारी के बाद प्रदर्शन शुरू
महिला की गोली मारकर हत्या करने के बाद बवाल शुरू हो गया है। गोलीबारी की खबर सामने आते ही बड़े पैमाने पर प्रदर्शनकारी जमा हो गए।
प्रदर्शनकारी अफसरों और एजेंटों पर चिल्ला रहे थे। यह नजारा उन शहरों में पहले हुए ऑपरेशन्स जैसा ही था, जिसमें आस-पास खड़े लोग अधिकारियों पर चिल्ला रहे थे और सीटी बजा रहे थे। यह एक ऐसी तरकीब है जो इमिग्रेशन छापों के दौरान आम हो गई है।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने 'शर्म करो! शर्म करो! शर्म करो!' और 'ICE मिनेसोटा से बाहर जाओ!' के नारे लगाए।
मिनियापोलिस के मेयर जैकब फ्रे ने गोलीबारी के बाद फेडरल ऑपरेशन की कड़ी आलोचना की और इमिग्रेशन एजेंट्स पर शहर में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया।
फ्रे ने कहा, 'इमिग्रेशन एजेंट हमारे शहर में अराजकता फैला रहे थे।' उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, 'हम मांग करते हैं कि ICE तुरंत शहर और राज्य छोड़कर चला जाए। हम अपने अप्रवासी और शरणार्थी समुदायों के साथ मजबूती से खड़े हैं।'