मध्य-पूर्व में शनिवार की रात से हालात तेजी से बदलने लगे हैं। सऊदी अरब की राजधानी रियाद पर हूती विद्रोहियों के हमले के बाद अमेरिका ने बड़ा अलर्ट जारी किया गया। पूरे मध्य-पूर्व में अमेरिकी दूतावासों ने अपने नागरिकों को अलर्ट किया। इसमें अमेरिकी नागरिकों से अलर्ट रहने, एयरस्पेस बंद होने और फ्लाइट कैंसिल होने की संभावना के लिए तैयार रहने को कहा गया।
कई मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि अमेरिका की तैयारी ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान छेड़ने की है। फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रंप ने भी यह कहा कि वह ईरान को लेकर फैसला लेने की स्थिति में है। उधर, ईरान का कहना है कि मुझे अमेरिका के बड़े हमले की तैयारी से जुड़ी सूचना मिली है। अगर अमेरिका ने हमला किया तो इसका जबाव दर्दनाक तरीके से दिया जाएगा।
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किन-किन देशों में अलर्ट: अमेरिकी दूतावासों ने इरान की यात्रा न करने और वहां मौजूद अमेरिकी नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने को कहा है। इराक, लेबनान, सीरिया, यमन और गाजा की यात्रा न करने की सलाद दी गई है। बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात, ओमान, कतर, कुवैत, जॉर्डन में सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया। सऊदी अरब की यात्रा पर दोबारा विचार करने की सलाह दी गई।
यात्रा सीमित करने से बढ़ी आशंका
डोनाल्ड ट्रंप
ने अपनी कैंप डेविड की यात्रा को एक दिन पहले ही समाप्त करके शनिवार को वाशिंगटन डीसी लौट आए हैं। इसके बाद से सोशल मीडिया पर ईरान के खिलाफ बड़े हमले की कयासबाजी को और बल मिला। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी अपनी अमेरिका यात्रा को कम कर दिया है। वह संयुक्त राष्ट्र महासभा में संबोधन के बाद इजरायल लौट आएंगे। ट्रंप से भी उनकी मुलाकात नहीं होगी।
खाड़ी देशों को ईरान ने दी खुली धमकी
ईरान के मिलिट्री मुख्यालय ने खाड़ी देशों को भी चेतावनी दी। कहा कि अगर अमेरिका हमला करता है तो खाड़ी के देशों को भी इसमें साझेदार माना जाएगा। खातम अल-अंबिया हेडक्वार्टर ने अपने बयान में कहा, 'हम चेतावनी देते हैं कि अगर इस इलाके के देश ईरान के प्रति अपनी दोहरी नीति जारी रखते हुए 'ग्रेट शैतान' (अमेरिका) की आक्रामकता का साथ देते हैं तो उन्हें भी इस बुरे काम में साझेदार माना जाएगा। वे ईरान की ताकतवर सेना से संयम या शालीनता की उम्मीद नहीं कर सकते।'
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सीमाओं की सुरक्षा बढ़ा रहा तेहरान
एक आशंका यह है कि अमेरिका अबकी बार ईरान के खिलाफ जमीनी जंग छेड़ सकता है। इन कयासों को बल ईरान की तैयारी से पता चलता है। हाल ही में ईरान में सरकार ने एक बड़े प्रदर्शन का आयोजन किया। इसमें आम नागरिकों, महिलाओं और बच्चों तक के हाथ में ऑटोमेटिक हथियार दिखे। लोगों को इन हथियारों की ट्रेनिंग दी जा रही है।
दूसरी तरफ ईरान अपनी सीमाओं पर तेजी से सैन्य टुकड़ियां तैनात कर रहा है। सेना के ग्राउंड फोर्स कमांडर अली जहानशाही के मुताबिक उत्तर-पश्चिमी, पश्चिमी, दक्षिण-पश्चिमी, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी सीमाओं के साथ-साथ मकरान तट पर भी सुरक्षाबलों को तैनात किया गया। सीमावर्ती इलाकों में क्विक रिएक्शन फोर्स, मैकेनाइज्ड और आर्टिलरी यूनिट को भी अलर्ट पर रखा गया है।