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'इजरायल से रिश्ता, ईरान से जंग भारी पड़ा', ट्रंप की हार पर क्या बोले रिपब्लिकन?

अमेरिका में मिडटर्म चुनाव में ट्रंप की हार के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इसकी वजह ईरान के साथ युद्ध और इजरायल के साथ अमेरिका के रिश्तों को बताया है।

ट्रंप, JD Vance, Donald Trump

जेडी वेंस, डोनाल्ड ट्रंप, Photo Credit-ChatGPT

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अमेरिका में मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट, दोनों में जीत हासिल की है। इस हार के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इसकी वजह ईरान के साथ युद्ध और इजरायल के साथ अमेरिका के रिश्तों को बताया है। वहीं, डोनाल्ड ट्रंप जूनियर ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की बातों से सहमति जताई है। जेडी वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक लंबा बयान जारी कर हार की चार बड़ी वजहें बताई हैं। 


जेडी वेंस का कहना है कि राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप को वोट देने वाले कई लोगों ने इस बार रिपब्लिकन पार्टी का साथ छोड़ दिया और डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को वोट दिया। उन्होंने कहा कि इसकी वजह सिर्फ यह नहीं थी कि रिपब्लिकन समर्थक वोट डालने नहीं पहुंचे, बल्कि कई मतदाता पार्टी की नीतियों से नाराज थे।

 

यह भी पढ़ें: विदेशी साजिश या असल नाराजगी, 2 साल बाद दोबारा क्यों सुलगा बांग्लादेश?

वेंस की बात पर जूनियर ट्रंप ने जताई सहमति

वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक लंबा बयान जारी कर हार की चार बड़ी वजहें बताई हैं। इनमें ईरान के साथ युद्ध, महंगाई और बढ़ती कीमतें, 'अमेरिका फर्स्ट' नीति से दूरी और इजरायल के साथ अमेरिका के रिश्ते शामिल हैं। उन्होंने लिखा, 'हमारी हार की वजह युद्ध है।' जेडी वेंस का कहना है कि यह बयान दिखाता है कि ट्रंप प्रशासन के भीतर भी ईरान के साथ चल रहा संघर्ष चुनाव में नुकसान की एक बड़ी वजह माना जा रहा है। वेंस की इन बातों पर डोनाल्ड ट्रंप के बेटे जूनियर ट्रंप ने भी सहमति जताई। 

 

वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक लंबा बयान जारी कर हार की चार बड़ी वजहें बताईं। ट्रंप प्रशासन के भीतर भी ईरान के साथ चल रहा संघर्ष चुनाव में नुकसान की एक बड़ी वजह माना जा रहा है। वेंस ने बताया कि रिपब्लिकन पार्टी के चुनावी आंकड़ों का विश्लेषण करने वाले लोग यह समझने की कोशिश कर रहे थे कि इस बार वोट डालने वाले लोग 2024 के चुनाव में ट्रंप का समर्थन करने वाले मतदाताओं जैसे ही हैं या नहीं।

 

शुरुआत में पार्टी के अंदरूनी सर्वे से लग रहा था कि रिपब्लिकन समर्थक बड़ी संख्या में वोट डालने पहुंच रहे हैं। इससे पार्टी को उम्मीद थी कि वह चुनाव में अच्छा प्रदर्शन कर सकती है। हालांकि एक चुनावी विश्लेषक ने वेंस को बताया कि ज्यादा वोट पड़ने का मतलब यह नहीं है कि लोग रिपब्लिकन उम्मीदवारों को ही वोट दे रहे हैं।

 

वेंस के मुताबिक, विश्लेषक ने उनसे कहा कि 2024 में ट्रंप और वेंस को वोट देने वाले कई लोग इस बार नाराज हैं और दूसरी पार्टी को वोट देने की तैयारी कर रहे हैं। वेंस ने माना कि विश्लेषक की बात सही साबित हुई।

 

उन्होंने फ्लोरिडा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां वोटरों में रिपब्लिकन समर्थकों की संख्या डेमोक्रेटिक समर्थकों से 9 प्रतिशत ज्यादा थी। यह अंतर 2024 के चुनाव के मुकाबले थोड़ा ही कम था। इसके बावजूद रिपब्लिकन उम्मीदवारों को नुकसान हुआ। वेंस के मुताबिक, असली परेशानी यह थी कि 2024 में ट्रंप-वेंस को वोट देने वाले कई लोगों ने 2026 में डेमोक्रेटिक पार्टी को वोट दिया। 

जेडी वेंस ने बताईं हार की 4 बड़ी वजहें

वेंस ने बताया कि चुनावी सर्वे करने वालों से बातचीत में रिपब्लिकन पार्टी के खिलाफ मतदाताओं की नाराजगी की चार बड़ी वजहें सामने आईं और वापस हमारी टीम में कैसे आ सकते हैं। लगभग सभी जवाबों में से चार मुख्य बातें सामने आईं- 

  • ईरान के साथ युद्ध खत्म हो: मतदाता चाहते थे कि अमेरिका ईरान के साथ चल रहे युद्ध को खत्म करे।
  • महंगाई पर ध्यान दिया जाए: लोगों की मांग थी कि सरकार बढ़ती कीमतों और रोजमर्रा के खर्च को कम करने पर ध्यान दे।
  • अमेरिका फर्स्ट नीति पर काम हो: मतदाता चाहते थे कि ट्रंप प्रशासन अपनी 'अमेरिका फर्स्ट' नीति को प्राथमिकता दे।
  • इजरायल के साथ रिश्तों में बदलाव हो: कुछ मतदाता चाहते थे कि अमेरिका और इजरायल के बीच मौजूदा रिश्तों को लेकर सरकार अपनी नीति बदले।

ट्रंप ने भी मानी हर की वजह युद्ध

जेडी वेंस ने बताया कि हमारी हार का कारण यह युद्ध है। कल रात खुद राष्ट्रपति ने भी यही बात कही। उन्होंने आगे कहा कि अगर आप मानते हैं कि यह युद्ध जरूरी था और इसके बदले अगले छह साल तक सीनेट का नियंत्रण गंवाना सही फैसला था, तो अपनी बात रखिए। आप यह तर्क दे सकते हैं कि इसके लिए इतनी बड़ी राजनीतिक कीमत चुकाना सही था। आप सहमत हों या असहमत, कम से कम अपनी बात ईमानदारी से रखिए। लेकिन हर कोई जानता है कि हम चुनाव क्यों हारे। आगे पार्टी को क्या करना चाहिए, इस पर कोई भी ईमानदार चर्चा इसी मुद्दे से शुरू होनी चाहिए।

 

मुझे अब भी अपने देश के भविष्य पर भरोसा है। जो लोग नाराज हैं और कहना चाहते हैं कि हमने पहले ही चेतावनी दी थी, वे सही थे। अब अपनी इस नाराजगी को ऐसे रिपब्लिकन नेताओं को चुनने में लगाएं, जो आपकी सोच और विचारों से सहमत हों। और जो लोग चुनाव के नतीजों से नाराज हैं, उन्हें नाराज होने का पूरा हक है। आइए, इस गुस्से को देश को बेहतर बनाने के काम में लगाएं। 


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