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इजरायल और लेबनान में हुई बड़ी डील, हिजबुल्लाह के लिए क्यों घातक?

लेबनान और इजरायल के बीच बड़ा समझौता हो चुका है। अमेरिका की मध्यस्थता पर दोनों देशों ने डील पर साइन भी कर दिया है। लेबनान और इजरायल ने हिजबुल्लाह के खिलाफ एक्शन लेने, बुनियादी ढांचे को तबाह करने और निरस्त्रीकरण पर सहमति जताई है।

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इजरायल और लेबनान में हुई डील। (AI-generated image)

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अमेरिका की मध्यस्थता में लेबनान और इजरायल के बीच त्रिपक्षीय ढांचागत समझौता हो गया है। शुक्रवार यानी 26 जून को इजरायल और लेबनान ने वाशिंगटन डीसी में समझौते पर हस्ताक्षर किए। समझौते के मुताबिक लेबनान के कुछ हिस्सों से इजरायली सेना को लौटना होगा। वहीं हिजबुल्लाह को निशस्त्र करने पर भी सहमति बनी है। समझौते से पहले अमेरिका में करीब चार दिनों तक बैठक चली। अब उम्मीद है कि दक्षिण लेबनान में छिड़ी जंग खत्म हो सकती है। 

 

अमेरिकी विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी टेक्स्ट के मुताबिक इजरायल सरकार और लेबनान सरकार एक पारस्परिक और क्रमबद्ध प्रक्रिया का पालन करेगी। इस प्रक्रिया के तहत गैर-सरकारी सशस्त्र समूहों के सत्यापित निरस्त्रीकरण और संबंधित बुनियादी ढांचे के नष्ट होने के बाद लेबनानी वायु सेना लेबनानी क्षेत्र के सभी हिस्सों पर प्रभावी संप्रभु अधिकार बहाल करेगी। इससे इजरायली रक्षा बलों (IDF) को लेबनानी क्षेत्र से धीरे-धीरे वापस हटने में मदद मिलेगी। 

 

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यहां आपको बता दें कि टेक्स्ट में जिस गैर-सरकारी सशस्त्र समूह का जिक्र किया है, उसका इशारा हिजबुल्लाह की तरफ है। इजरायल और अमेरिका की मंशा है कि हिजबुल्लाह के सभी हथियारों और बुनियादी ढांचे को तबाह किया जाए। अब यह काम लेबनान की सेना को सौंपा गया है। 

 

समझौते के मुताबिक लेबनानी सशस्त्र बल धीरे-धीरे पायलट क्षेत्रों में पूर्ण और प्रभावी सुरक्षा जिम्मेदारी संभालेंगे। ये क्षेत्र आईडीएफ की चरणबद्ध और सत्यापित पुनर्तैनाती और लेबनानी सशस्त्र बलों की तैनाती के एक तंत्र के रूप में कार्य करेगा। आईडीएफ और एलएएफ में दो प्रारंभिक क्षेत्रों पर सहमति बन चुकी है। भविष्य के पायलट क्षेत्रों पर भी आपसी सहमति होगी। 

लेबनान की सेना संभालेगी सुरक्षा जिम्मेदारी

इन क्षेत्रों में गैर-सरकारी सशस्त्र समूहों के सफल हथियारविहीन करने और उनके बुनियादी ढांचे के नष्ट होने के बाद लेबनानी सशस्त्र बल इन क्षेत्रों में पूर्ण और प्रभावी सुरक्षा जिम्मेदारी संभालेंगे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थित पुनर्निर्माण कार्य शुरू होंगे। लेबनानी नागरिक लेबनानी इन क्षेत्रों में सुरक्षित रूप से लौट सकेंगे। 

हिजबुल्लाह की क्षमता को नष्ट करेगा लेबनान

समझौते में कहा गया है कि अपने पूरे भूभाग पर पूर्ण संप्रभुता बहाल करेगी। सभी गैर-राज्य सशस्त्र समूहों का पूर्ण और सत्यापित निरस्त्रीकरण तय करेगी। यह भी सुनिश्चित करेगी कि लेबनान में कहीं भी ऐसे समूहों की कोई सैन्य या सुरक्षा भूमिका न हो और न ही उनके पास कोई सशस्त्र क्षमता हो।

कोई क्षेत्रीय महत्वाकांक्षा नहीं

इजरायल की सरकार ने बताया कि लेबनान में उसकी लड़ाई गैर-सरकारी सशस्त्र समूह विशेष रूप से हिजबुल्लाह से है। उसकी कार्रवाई हिजबुल्लाह के हमलों, उनसे उत्पन्न खतरे और शत्रुतापूर्ण इरादों का नतीजा है। इजरायल ने यह भी स्पष्ट किया है कि हिजबुल्लाह के निरस्त्रीकरण और बुनियादी ढांचे के तबाह होने व लेबनान के साथ अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था के बाद वहां आईडीएफ की मौजूदगी और कार्रवाई की कोई जरूरत नहीं होगी। लेबनान में उसकी कोई क्षेत्रीय महत्वाकांक्षा नहीं है। 

लेबनानी सेना की तैनाती क्यों जरूरी?

इजरायल और लेबनान ने इस बात पर सहमति जताई है कि लेबनानी सशस्त्र बलों LAF) की तैनाती के माध्यम से दक्षिण लेबनान में सुरक्षा की बहाली नागरिक के सुरक्षित वापसी और  उत्तरी इजरायल की सुरक्षा और शांति की खातिर जरूरी है।

हिजबुल्लाह को खाली करना होगा दक्षिणी लेबनान

मतलब साफ है कि इस समझौते से पूरे लेबनान में वहां की सेना का अधिकार होगा। अभी दक्षिण लेबनान में हिजबुल्लाह की मौजदूगी है। समझौते में कहा गया है कि गैर-सरकारी पक्ष की तरफ से की गई कोई भी कार्रवाई अवैध और लेबनान की संप्रभुता के खिलाफ होगी। मतलब यह है कि हिजबुल्लाह के हमलों को अब वहां की सरकार अवैध मानेगी। उस पर एक्शन भी लिया जा सकता है।  

 

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फंडिंग पर भी होगा एक्शन

ताजा समझौते में हिजबुल्लाह की फंडिंग रोकने का भी प्रावधान है। इसमें कहा गया है कि लेबनान और अमेरिका गैर-सरकारी सशस्त्र समूहों से संबद्ध किसी भी संस्था, संगठन या व्यक्ति को धन के प्रवाह को रोकने और उन्हें प्रतिबंधित करने के लिए उपलब्ध कानूनी उपायों को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

लेबनान को बसाने में भूमिका निभाएगा अमेरिका

समझौते के मुताबिक अमेरिका लेबनान के पुनर्निर्माण में भूमिका निभाएगा। अमेरिका ने कहा कि वह बुनियादी ढांचे की मरम्मत, अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने और समृद्धि के अवसर पैदा करने में सक्रिय रूप से समर्थन देने के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारों को एकजुट करेगा। लेबनान के लिए पर्याप्त पुनर्निर्माण और मानवीय सहायता, आर्थिक सुधार कार्यक्रम और निवेश पहल को भी शामिल किया जाएगा, ताकि लेबनान वर्षों के संघर्ष से उबर सके और अपने सभी नागरिकों के लिए बेहतर भविष्य प्रदान कर सके।


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