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होर्मुज में फिर टकराए ईरान-अमेरिका, बदले पर उतरे, सीजफायर का क्या होगा?

अमेरिका और ईरान की शांतिवार्ता एक बार फिर असफल होती नजर आ रही है। होर्मुज में ईरान और अमेरिका एक बार फिर टकरा रहे हैं।

Strait of Hormuz PTI

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज। Photo Credit: PTI

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी जहाज पर ईरानी हमले के बाद अब अमेरिका ने एक बार फिर ईरान पर हमला किया है। अमेरिका ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज को निशाना बनाया है। समंदर से सटे रडार साइटों पर हमले किए हैं। यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने शुक्रवार को कहा है कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की है।

यूएस सेंट्रल कमांड ने कहा है कि 25 जून को सिंगापुर के झंडे वाले मालवाहक जहाज 'M/V एवर लवली' पर ईरान ने एक-तरफा हमला करने वाला ड्रोन दागा था, जिसके जवाब में 26 जून को अमेरिकी बलों ने ईरान पर सटीक हमले किए। ईरान के इस हमले को ‘युद्धविराम का उल्लंघन’ बताया गया है। 

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डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे संघर्ष विराम का मूर्खतापूर्ण उल्लंघन करार दिया है। उन्होंने कहा कि जहाज पर 4 ड्रोन दागे गए थे, जिनमें से तीन को अमेरिकी बलों ने मार गिराया, जबकि एक ड्रोन से जहाज के ऊपरी डेक को नुकसान पहुंचा। जहाज सुरक्षित है और आगे बढ़ रहा है।

अमेरिकी सेना क्या कह रही है?

यूएस सेंट्रल कमांड ने कहा कि ईरान की यह खतरनाक कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय व्यापार के महत्वपूर्ण गलियारे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आजादी को खत्म करती है। अमेरिकी सेना अब भी इस क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए तैयार हैं।

 

 



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ओमान में भी हुआ है हमला? 

ब्रिटेन की मरीन ट्रेड ऑपरेशंस ने भी ओमान तट के पास एक कंटेनर जहाज पर प्रोजेक्टाइल से हमले की पुष्टि की थी, जिसमें कोई हताहत नहीं हुआ। इस घटना के बाद इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन ने फारस की खाड़ी से फंसे जहाजों की निकासी अस्थायी रूप से रोक दी है। ईरान ने अभी तक हमले की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की है।

 

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