वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद दुनिया के कई देश खुलकर यूएस के खिलाफ आ चुके हैं। उत्तर कोरिया ने अपने बयान में अमेरिकी हमले को वेनेजुएला की संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया। उत्तर कोरियाई विदेश मंत्रालय ने कहा, 'यह घटना अमेरिका के क्रूर स्वभाव और बदमाशी का एक उदाहरण हैं।' उधर, चीन ने अमेरिका से निकोलस मादुरो को रिहा करने और वेनेजुएला की सरकार ढहाने की कोशिश को तुरंत रोकने का आग्रह किया। अमेरिकी की हमले के खिलाफ ब्राजील, कोलंबिया और क्यूबा ने वेनेजुएला के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।
निकोलस मादुरो को न्यूयॉर्क की जेल में रखा गया है। मगर ट्रंप के इस कार्रवाई के खिलाफ गुस्सा बढ़ता जा रहा है। मेक्सिको के पूर्व राष्ट्रपति एंड्रेस मैनुअल ने ट्रंप को बड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि आज की आपकी क्षणिक जीत कल बड़ी हार बन सकती है। उधर, चीन ने 24 घंटे में दूसरी बार बयान जारी किया। रविवार को चीन ने कहा कि अमेरिका को वेनेजुएला की सरकार गिराने की कोशिश बंद करनी चाहिए। यह अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है। इसके अलावा चीन ने मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस की रिहाई की मांग की।
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मादुरो की गिरफ्तारी पर भारत ने क्या कहा?
वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले और निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी पर भारत ने गहरी चिंता व्यक्त की। भारत ने सभी पक्षों के बातचीत के माध्यम से क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने का आह्ववान किया। भारत स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा, 'भारत वेनेजुएला के लोगों की भलाई और सुरक्षा के प्रति अपना समर्थन दोहराता है। हम सभी संबंधित पक्षों से क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए बातचीत के माध्यम से शांतिपूर्ण ढंग से मुद्दों का समाधान करने का आह्वान करते हैं।'
अमेरिका ही वेनेजुएला तेल का सबसे बड़ा खरीदार
वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार हैं। मादुरो को गिरफ्तार करने के बाद ट्रंप ने अपने प्लान का खुलासा किया। वेनेजुएला के उर्जा सेक्टर पर अमेरिकी कंपनियां कब्जा करेगी। अमेरिका ही अभी वहां का शासन चलाएगा। बता दें कि वेनेजुएला की सरकार की सबसे अधिक कमाई तेल बेचकर होती है। सबसे अधिक तेल अमेरिका ही खरीदता था। अमेरिका के बाद चीन सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वेनेजुएला का करीब 10 फीसद निर्यात चीन को होता था।
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कितना बड़ा है वेनेजुएला?
निकोलस मादुरो 2013 से वेनेजुएला की सत्ता पर काबिज है। मगर उनकी आगे की जिदंगी न्यूयॉर्क जेल में बीतेगी। हथियार और मादक पदार्थों की तस्करी मामले में उनके खिलाफ मैनहट्टन की एक अदालत में मुकदमा चलाया जाएगा। बता दें कि वेनेजुएला का आकार पाकिस्तान जितना बड़ा है। यह दक्षिण अमेरिका का छठा सबसे बड़ा और दुनिया का 32वां सबसे बड़ा देश है।