अमेरिका और इजरायल का दावा है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम दशकों पुराना है। वर्षों से ईरान सरकार परमाणु बम हासिल करना चाहती थी। हालांकि ईरान सरकार ने हमेशा इन दावों को खारिज किया। तेहरान का कहना है कि कभी भी परमाणु हथियार बनाने का प्रयास नहीं किया। कहा जाता है कि दिवंगत सुप्रीम लीडर अली खामेनेई भी परमाणु बम बनाने के पक्ष में नहीं थे।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी ताजा संघर्ष के बीच न्यूयॉर्क टाइम्स ने शुक्रवार को अपनी एक रिपोर्ट प्रकाशित की। इसमें जुटाई गई गुप्त जानकारी के आधार पर दावा किया कि परमाणु हथियार पर ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की राय अपने पिता अली खामेनेई से अलग है। मोजतबा परमाणु बम हासिल करने के अधिक इच्छुक है।
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ईरान में बढ़ रही परमाणु बम की वकालत करने वालों की संख्या
न्यूयॉर्क टाइम्स में अपनी रिपोर्ट में बताया कि यह गुप्त जानकारी युद्ध से पहले जुटाई गई थी। मामले से परिचित अधिकारियों के हवाले से अमेरिकी अखबार ने दावा किया कि मोजतबा अपने पिता की तुलना में परमाणु हथियार के मामले में अधिक मुखर है। अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक ईरान की सरकार में परमाणु बम बनाने के पक्षधर लोगों की संख्या बढ़ रही है। इनका तर्क है कि परमाणु बम ही ईरान को भविष्य के हमलों से बचा सकता है।
पिकैक्स माउंटेन में भेजे परमाणु सेंट्रीफ्यूज
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने भी हाल ही में अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों के हवाले से एक रिपोर्ट प्रकाशित की। इसमें इजरायली खुफिया एजेंसियों का हवाला दिया गया और बताया कि ईरान ने हजारों परमाणु सेंट्रीफ्यूज को नतान्ज परमाणु प्लांट के पास ही पिकैक्स माउंटेन की सुरंगों में भेज दिया है। खुफिया एजेंसियों को अनुमान है कि ईरान के पास 60 फीसद तक संवर्धित यूरेनियम है। इसका एक हिस्सा पिकैक्स माउंटेन में भेज दिया गया है।
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पहाड़ी को क्यों बनाया ठिकाना?
अमेरिका और इजरायल ने पिछले साल एक साथ ईरान के फोर्डो, इस्फहान और नतान्ज परमाणु प्लांट पर बमबारी की थी। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के आकलन के मुताबिक ईरान के पास 440.9 किलोग्राम 60 फीसद तक संवर्धित यूरेनियम है। शक यह है कि बमबारी के बाद यह यूरेनियम प्लांट में दबा है। कुछ अन्य रिपोर्ट में दावा किया गया कि इसे पिकैक्स माउंटेन में सुरक्षित रख दिया गया, क्योंकि ईरान के अधिकारियों का मानना है कि पहाड़ पर अमेरिकी हमलों का कोई असर नहीं होगा। ट्रंप ने कई बार पिकैक्स माउंटेन पर हमला करने की धमकी भी दे चुके हैं।