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डोनाल्ड ट्रंप ईरान को उजाड़ने चले थे, पाकिस्तान ने बचा लिया, कैसे? इनसाइड स्टोरी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान पर वह पाकिस्तान के अनुरोध पर संघर्ष विराम समझौते के लिए राजी हुए हैं। क्या कहा है, आइए समझते हैं।

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शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर के साथ डोनाल्ड ट्रंप। Photo Credit: PTI

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ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी जंग अब 2 सप्ताह के लिए थम गई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एलान किया है कि वह हमले रोक रहे हैं, पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई है, अब सभी पक्ष, युद्ध रोकने पर पूरी तरह से सहमत हुए हैं। ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलना ही होगा। ईरान ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं कि संघर्ष का मतलब, युद्ध का अंत नहीं है।

पाकिस्तान ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अपील की थी कि वह ईरान के साथ डील के लिए तय की गई डेडलाइन को दो हफ्ते और बढ़ा दें। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ दावा किया था कि पश्चिम एशिया में चल रही जंग के शांतिपूर्ण निपटारे के लिए कूटनीतिक प्रयास किए जा रहे हैं, बेहतर नतीजे आएंगे। 

यह भी पढ़ें: पहले तबाही की धमकी, अब अचानक सीजफायर, ईरान से जीते या हारे डोनाल्ड ट्रंप?

शहबाज शरीफ ने किन देशों में जंग रुकवाई?

शहबाज शरीफ ने दावा किया है कि अब लेबनान में भी जंग रुक जाएगी। उन्होंने कहा, 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका, अपने सहयोगियों के साथ मिलकर, लेबनान और अन्य जगहों पर तत्काल युद्धविराम के लिए सहमत हो गए हैं। यह तत्काल प्रभाव से लागू होगा।'

अब आगे क्या?

शहबाज शरीफ ने 10 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद में विवाद में उलझे देशों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक बुलाई है। इस्लामाबाद में ही शांति वार्ता होगी। 

शहबाज शरीफ, प्रधानमंत्री, पाकिस्तान:-
मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान के लिए कूटनीतिक प्रयास लगातार, मजबूती से और जोर-शोर से आगे बढ़ रहे हैं। निकट भविष्य में ठोस नतीजे निकलने की पूरी संभावना है। कूटनीतिक राह पर आगे बढ़ने के लिए मैं राष्ट्रपति ट्रंप से पूरी अनुरोध करता हूं कि वे समय सीमा को दो हफ्ते के लिए बढ़ा दें। पाकिस्तान पूरी ईमानदारी के साथ अपने ईरानी भाइयों से अनुरोध करता है कि वे सद्भावना के तौर पर, इसी दो हफ्ते की अवधि के लिए 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को खोल दें। 

यह भी पढ़ें: 'आगे क्या कदम उठाने हैं, यह सिर्फ ट्रंप जानते हैं', ईरान युद्ध पर व्हाइट हाउस

उन्होंने यह भी कहा, 'हम जंग में शामिल सभी पक्षों से गुजारिश करते हैं कि वे इस क्षेत्र में लंबे समय तक शांति और स्थिरता बनाए रखने के हित में, कूटनीति के जरिए जंग रोकने पर जोर दें। युद्ध विराम का अगले 2 सप्ताह तक पालन करें।' 

 

 

डोनाल्ड ट्रंप, राष्ट्रपति, अमेरिका:-
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से बात की। उन्होंने मुझसे अनुरोध किया कि आज रात ईरान पर होने वाले हमले को रोक दिया जाए। यह शर्त रखी गई कि ईरान, होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह से तत्काल और सुरक्षित तौर पर खोल देगा। इन बातों के मद्देनजर, मैं ईरान पर होने वाली बमबारी और हमलों को दो हफ्तों के लिए रोकने पर सहमत हूं। यह दोनों पक्षों के बीच युद्धविराम होगा। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि हम अपने लगभग सभी सैन्य लक्ष्य हासिल कर चुके हैं और ईरान के साथ लंबे समय की शांति को लेकर समझौते के काफी करीब पहुंच गए हैं।

ईरान के साथ संधि प्रस्ताव में क्या है?

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'हमें ईरान की ओर से 10 बिंदुओं का प्रस्ताव मिला है, जिसे हम बातचीत के लिए एक अच्छा आधार मानते हैं। अमेरिका और ईरान के बीच पहले जिन मुद्दों पर मतभेद थे, उनमें से ज्यादातर पर अब सहमति बन चुकी है। यह दो हफ्तों का समय अंतिम समझौते को पूरा करने और उसे लागू करने में मदद करेगा। अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में, और मध्य पूर्व के देशों का प्रतिनिधित्व करते हुए, यह मेरे लिए सम्मान की बात है कि यह लंबे समय से चला आ रहा मुद्दा अब समाधान के करीब है।'

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ईरान ने क्या कहा है?

सैयद अब्बास अराघची, विदेश मंत्री, ईरान:-
अगर ईरान पर हमले बंद कर दिए जाते हैं तो हमारी शक्तिशाली सेना भी अपनी रक्षात्मक कार्रवाई रोक देगी। दो हफ्तों तक, होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित आवाजाही संभव होगी, लेकिन यह ईरान की सेना के समन्वय और तकनीकी सीमाओं को ध्यान में रखकर होगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची की ओर से जारी एक चिट्ठी भी ट्रुथ सोशल पर शेयर की है। उन्होंने दावा किया है कि अमेरिका की ओर से पेश किए गए 15 पॉइंट वाले प्रस्ताव पर बातचीत के लिए ईरान तैयार है।


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