logo

ट्रेंडिंग:

ईरान ही नहीं, अमेरिका ने इस देश की नाकाबंदी भी शुरू की; क्या है ट्रंप की रणनीति?

अमेरिका लगातार दुनियाभर के देशों को धमका रहा है। वेनेजुएला के बाद ईरान उसकी निगाह पर चढ़ा है। मध्य-पूर्व में सैन्य तैनाती के बीच अमेरिका ने एक और देश की नाकाबंदी शुरू कर दी है।

Donald Trump

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (Photo Credit: PTI)

शेयर करें

संबंधित खबरें

Advertisement
Group2

पूरी दुनिया की निगाह अमेरिका और ईरान तनाव पर है, लेकिन ट्रंप ने एक और देश की घेरेबंदी शुरू कर दी है। अमेरिकी प्रशासन पूरी ताकत के साथ अब क्यूबा की तेल नाकाबंदी कर रहा है। इसका जमीनी स्तर पर असर भी दिखने लगा है। देश के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप है। फ्लाइट को ईंधन नहीं मिल रहा है। स्कूल-कॉलेज के समय को घटा दिया गया है। इस बीच क्यूबा को तेल सप्लाई करने वाले मैक्सिको को भी धमकियां मिल रही हैं। क्यूबा के खिलाफ अमेरिका ईरान वाली रणनीति अपना रहा है। उसे आर्थिक मोर्चे पर घेर रहा है, ताकि देश में महंगाई और अशांति फैलाई जा सके।

 

ट्रंप कई बार क्यूबा को हमले की धमकी दे चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि वेनेजुएला के बाद अगला नंबर क्यूबा का है। ट्रंप की दबाव वाली रणनीति के तहत अमेरिका क्यूबा को जाने वाली तेल शिपमेंट को निशाना बना रहा है। क्यूबा में इससे लाखों लोग प्रभावित हैं। 

 

यह भी पढ़ें: गाजा में 8000 सैनिक भेजेगा इंडोनेशिया, इससे मुनीर मुसीबत में क्यों फंसे?

दबाव बढ़ाकर अमेरिका क्या हासिल करना चाहता?

अमेरिका न केवल क्यूबा के तेल शिपमेंट को रोक रहा है, बल्कि उन देशों को भी टैरिफ लगाने की धमकी दी है, जो क्यूबा को तेल बेचते हैं। ट्रंप एक तरफ क्यूबा पर दबाव बढ़ा रहे हैं और दूसरी तरफ बातचीत का भी हवाला दे रहे हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ट्रंप को बातचीत करने से रोक दिया है। रुबियो ने यह भी माना कि क्यूबा के खिलाफ दबाव बनाने की रणनीति का लक्ष्य वहां तख्तापलट करवाना है। 

 

क्यूबा के लोगों का कहना है कि तेल नाकाबंदी के बाद देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है। कई घटों तक बिजली की कटौती की जा रही है। हालत इतने बिगड़ चुके हैं कि सरकार ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना शुरू कर दिया है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट में कटौती की जा रही है। ऑफिस और शिक्षण संस्थानों के घंटों को काम किया गया है। क्यूबा ने दुनियाभर की एयरलाइंस को सूचित किया है कि वह अगले एक महीने तक अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट को ईंधन नहीं दे पाएगा। ईंधन संकट के बीच एयर कनाडा ने क्यूबा जाने वाली सभी फ्लाइटों को निलंबित कर दिया है।

 

क्यूबा की सरकार ने कुछ होटलों को भी बंद करने का निर्णय लिया है, ताकि ईंधन की बचत की जा सके। वेनेजुएला में निकोलस मादुरो के अपहरण के बाद से ही क्यूबा का ईंधन संकट गहराया गया है। उसका अधिकांश तेल वेनेजुएला से ही आता था। अब अमेरिका की तेल नाकाबंदी के कारण क्यूबा का ईंधन कुछ ही दिनों में खत्म होने की आशंका है। इस बीच रूस ने क्यूबा को तेल भेजने का ऐलान किया है। वेनेजुएला के बाद क्यूबा का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बन चुका मेक्सिको भी जनवरी के मध्य में अमेरिकी दबाव के चलते तेल की आपूर्ति बंद कर दी थी।

क्यों दबाव में मैक्सिको की सरकार?

अमेरिका और क्यूबा के बीच तनातनी में सबसे बड़ी मुश्किल मेक्सिको सरकार के सामने खड़ी है। वेनेजुएला से तेल आपूर्ति बंद होने के कारण मैक्सिको की सरकारी तेल कंपनी पेमेक्स अब क्यूबा को तेल बेचने वाली सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। हालांकि ट्रंप के कार्यकारी आदेश के बाद मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शाइनबाम को झुकना पड़ा।

 

यह भी पढ़ें: चुनाव से पहले बांग्लादेश ने अमेरिका से किया समझौता, क्या ढाका में बढ़ेगा दखल?

 

जनवरी में उनकी पेमेक्स कंपनी ने क्यूबा को तेल आपूर्ति बंद कर दी।  मैक्सिको सिटी में हजारों की भीड़ अमेरिका और अपनी सरकार के खिलाफ जुटी। लोगों का कहना है कि मैक्सिको ने कभी क्यूबा को नहीं छोड़ा है। अब भी हमें उसके साथ खड़े रहना होगा। अब मैक्सिको की सरकार दोतरफा दबाव झेल रही है।

बातचीत करेंगे, लेकिन... क्यूबा ने रखी शर्त

1 फरवरी को डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि क्यूबा पर अधिकतम दबाव बनाया जा रहा है। हालांकि गतिरोध को सुलझाने के लिए बातचीत जारी है।  हालांकि 29 जनवरी के अगर किसी ने क्यूबा को किसी ने तेल बेचा तो अमेरिका उस पर टैरिफ लगाएगा। क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल का कहना है कि वह बातचीत को तैयार हैं, लेकिन यह बिना किसी दबाव और क्यूबा संप्रभुता के सम्मान के तहत हो। 


और पढ़ें

design

हमारे बारे में

श्रेणियाँ

Copyright ©️ TIF MULTIMEDIA PRIVATE LIMITED | All Rights Reserved | Developed By TIF Technologies

CONTACT US | PRIVACY POLICY | TERMS OF USE | Sitemap