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दोबारा गुस्से में नेपाल का जेन-जी, काठमांडू में विरोध प्रदर्शन: घिरे बालेन शाह

नेपाल की बालेन शाह सरकार के सामने ठीक वैसे ही चुनौती खड़ी हो गई, जिसके सहारे वह सत्ता तक पहुंचे और पूर्ववर्ती प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को हटाया था।

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नेपाल में दोबारा शुरू हुए विरोध प्रदर्शन। (Photo Credit: Social Media)

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जेन- जी आंदोलन से सरकार बदलने वाले नेपाल में विरोध प्रदर्शन की नई लहर शुरू हो चुकी है। रविवार को बड़ी संख्या में झुग्गी में रहने वाले लोगों ने प्रदर्शन किया। इनकी मांग है कि सरकार पहले पुनर्वास की व्यवस्था करे और उसके बाद बेदखली की जाए। पिछले साल जेन-जी आंदोलन के दम पर सत्ता में आने वाले बालेन शाह के सामने यह अब तक की सबसे बड़ी चुनौती है।

 

रविवार को संयुक्त राष्ट्रीय भूमिहीन मोर्चा की अपील पर काठमांडू के सिंहदरबार सचिवालय के सामने स्थित मैतीघर मंडला में विरोध प्रदर्शन का आयोजि किया गया। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां थीं। इन पर लिखा था, 'गरीबों पर अत्याचार बंद करो', 'मानवाधिकारों का सम्मान करो', 'अवैध गिरफ्तारियां बंद करो' और 'भूमिहीन झुग्गीवासियों को आश्रय दो।'

 

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काठमांडू के कीर्तिपुर स्थित एक सरकारी अस्थायी आवास केंद्र में बाढ़ का पानी भर गया। यहां रहने वाले गरीब 150 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। घटना की जानकारी लेने 'जेन जेड' के युवा कार्यकर्ता तब शनिवार को पहुंचे तो पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया और कुछ को गिरफ्तार कर लिया। एक कार्यकर्ता को चोट लगने के बाद अस्पताल में भी भर्ती कराना पड़ा। 

क्यों हो रहा नेपाल सरकार का विरोध?

बता दें अप्रैल महीने में नेपाल सरकार ने काठमांडू घाटी समेत देश के विभिन्न हिस्सों में भूमिहीन लोगों की झुग्गियां और अन्य स्थानों से बेदखल कर दिया है। करीब 15 हजार लोग इस कार्रवाई से प्रभावित हुए। इनमें से 325 परिवार राजधानी काठमांडू में बने अस्थायी आवास केंद्र में रहने लगे थे। बाद में 2 जुलाई को सरकार ने एक आदेश पारित किया। इसमें छह जुलाई तक भूमिहीन झुग्गीवासियों को छह जुलाई तक अस्थायी आवास केंद्रों को खाली करना था। गुरुवार तक 60 से अधिक परिवारों ने आवास को खाली नहीं किया था।सरकार की इसी जबरन बेदखली का विरोध हो रहा है। लोगों का कहना है कि उनके पास रहने की कोई जगह नहीं है। अगर सरकार को हटाना है तो पहले रहने की व्यवस्था करे।

26 कार्यकर्ता गिरफ्तार

उधर, कोशी प्रांत के मोरांग जिले में भी विरोध प्रदर्शन का दौर जारी है। यहां पुलिस कार्यालय के सामने 'जेन जेड' के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया और धरने पर बैठ गए। हालांकि रविवार को 26 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष गगन कुमार थापा ने सभी कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा करने की मांग उठाई।

 

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गणेश के आत्मदाह से भी गुस्सा

काठमांडू में एक राइड सेवा से जुड़े युवा के आत्मदाह से भी नेपाल में गुस्से का माहौल है। गुरुवार को काठमांडू में पासपोर्ट विभाग के बाहर गणेश नेपाली नाम के 25 वर्षीय युवक को खुद को आग लगाकर जान दे दी थी। बताया जा रहा है कि गणेश ने परिवार की जमीन को गिरवी रखकर बाइक खरीदी थी। राइड-हेलिंग फ्लेटफॉर्म में लगाकर अपने परिवार का गुजारा करता था। मगर पार्किंग नियमों का उल्लंघन करने पर काठमांडू महानगरपालिका ने बाइक को जब्त कर ली। गणेश ने इसी के बाद आत्मघाती कदम उठाया।


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