फिलीपींस और चीन के बीच तेजी से रिश्ते बिगड़ते जा रहे हैं। दोनों देशों की बीच समुद्री गतिरोध लगातार बढ़ रहा है। खतरा एक गलती से दोनों देशों के जंग में घसीटने जाने का सताने लगा है। इसी बात की आशंका फिलीपींस के राष्ट्रपति राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने भी जताई है।
सिंगापुर में फोर्ब्स ग्लोबल सीईओ सम्मेलन में राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने कहा, 'मेरा सबसे बड़ा डर यह है कि कोई नाविक या सैनिक, बस एक गलती कर बैठे और वह गलती कुछ ऐसी चीज में बदल जाए जो नियंत्रण से बाहर हो जाए।'
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स्कारबोरो शोल के आसपास टकराव बढ़ने का खतरा
फिलीपींस लगातार चीन के साथ खतरनाक तनाव से बचने की कोशिश में जुटा है। मगर बीजिंग की आक्रामता सबसे बड़ी बाधा बनी है। हालात यह है कि फिलीपींस के मछुआरे स्कारबोरो शोल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जबकि यह एटोल फिलीपींस की सीमा से 200 किमी दूर और उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र में आता है। 2012 से स्कारबोरो शोल पर चीनी तटरक्षक बलों का नियंत्रण है।
सोमवार को ही चीन ने विवादित स्कारबोरो शोल के पास एयरस्पेस के उल्लंघन का आरोप फिलीपींस पर लगाया है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि फिलीपींस की उड़ान बीजिंग की संप्रभुता और अधिकार क्षेत्र का गंभीर उल्लंघन है। यह जलमार्ग में शांति और स्थिरता को कमजोर करने की कोशिश है। फिलीपींस ने भी चीनी फाइटर जेट पर नियमित सैन्य गश्त में बाधा डालने का आरोप लगाया।
फिलीपींस के मुताबिक उसका एक सी-208 समुद्री गश्ती विमान स्कारबोरो शोल के पास उड़ान भर रहा था। उसी वक्त चीन के दो विमानों ने उसका पीछा किया। इनमें से एक चीनी जे-16 लड़ाकू विमान फिलीपींस के विमान के पास बेहद असुरक्षित दूरी में आया और बार-बार हवा में पैतरेंबाजी की।
अपनी सैन्य तैनाती बढ़ा रहा चीन
दक्षिण चीन सागर के कई क्षेत्र में फिलीपींस और चीन के बीच विवाद है। बीजिंग पूरे क्षेत्र न केवल अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा, बल्कि सैन्य धमक भी दिखाता है। फिलीपींस सेना के मुताबिक चीन ने विवादित क्षेत्रों के आसपास अपनी सैन्य और तटरक्षक जहाजों की तैनाती दोगुनी कर दी है। जुलाई में जहां 48 और अगस्त में 56 जहाज तैनात थे। वहीं सितंबर में इनकी संख्या बढ़कर 101 को हो गई।
कहां कितने जहाजों की तैनाती?
स्कारबोरो शोल के करीब 39 चीनी तटरक्षक और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के जहाजों को देखा गया। 28 जहाजों को थितु द्वीप के पास देखा गया। सेकंड थॉमस शोल के करीब 23 और सबीना शोल के पास 11 जहाजों को ट्रैक किया गया।
रिसर्च करते पकड़ा गया चीनी पोत
कुछ दिन पहले ही फिलीपींस के तटरक्षक बल ने एक चीनी अनुसंधान पोत को पकड़ा था। यह पोत इटबायट द्वीप के पास सर्वेक्षण कर रहा था। यह घटना ताइवान और फिलीपींस के सीमा के करीब की है। जबकि फिलीपींस की राजधानी मनीला स्थित चीनी दूतावास ने अपनी आपत्ति जताई और कहा कि यह उसका जलक्षेत्र है। बाद में ताइवान को भी उस इलाके में अपने जहाज भेजने पड़े थे।
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रक्षा सचिव और उनके परिवार पर लगाया बैन
जुलाई महीने में ही चीन ने फिलीपींस के रक्षा सचिव गिल्बर्टो टियोडोरो और करीबियों पर बैन लगाया। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव की एक यह भी वजह है। चीन का आरोप है कि टियोडोरो ने बार-बार बीजिंग के खिलाफ गलत बयानबाजी की। इससे चीन के वैध हितों और द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान पहुंचा है। बैन के बाद टियोडोरो, उनकी पत्नी और बच्चे को मुख्य भूमि चीन, हांगकांग और मकाऊ नहीं जा सकते हैं।
भारत देगा फिलीपींस को ट्रेनिंग
फिलीपींस ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने वाला पहला देश है। हाल ही में अमेरिकी मरीन कॉर्प्स और फिलीपींस मरीन कॉर्प्स ने ब्रह्मोस मिसाइल के साथ संयुक्त अभ्यास किया। दक्षिण चीन सागर में ब्रह्मोस को चीन के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि पाकिस्तान से साथ पिछले साल चार दिवसीय संघर्ष में चीनी एयर डिफेंस सिस्टम ब्रह्मोस मिसाइल को रोकने में नाकाम रहे हैं। इस बीच खबर आ रही है कि भारत फिलीपींस के ब्रह्मोस मिसाइल क्रू को ट्रेनिंग देगा, ताकि चीनी मिसाइल खतरे से निपटा जा सके।