झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड में नौ अन्य लोगों में सेरेब्रल मलेरिया के संक्रमण की पुष्टि हुई है, जिसके बाद पिछले एक हफ्ते में इस क्षेत्र में ऐसे मामलों की कुल संख्या बढ़कर 150 हो गई। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने इस तरह की बीमारी की जांच के लिए अभियान तेज कर दिया है।
सेरेब्रल मलेरिया, प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम संक्रमण से होने वाली गंभीर बीमारी है जिसमें व्यक्ति में कोमा में भी जा सकता है। इस बीमारी से मस्तिष्क को गंभीर छति पहुंच सकती है। अधिकारी ने बताया, '24 जून से पोटका प्रखंड में कुल 3,000 नमूनों की जांच की गई। बुधवार को संक्रमित पाए गए नौ लोगों समेत करीब 150 लोगों में सेरेब्रल मलेरिया की पुष्टि हुई है।'
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सेरेब्रल मलेरिया से 4 बच्चों की हो चुकी है मौत
अधिकारी ने बताया कि अधिकांश मामले कंदर और हितबासा जैसे गांवों से सामने आए हैं, जहां चिकित्सा दल लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं, दवाएं उपलब्ध करा रहे हैं, मच्छरदानियों का वितरण कर रहे हैं और एहतियाती उपाय कर रहे हैं। उन्होंने बताया, 'सेरेब्रल मलेरिया से संक्रमित नौ मरीजों को पोटका प्रखंड के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि 45 अन्य मरीज जमशेदपुर के सदर अस्पताल में उपचाराधीन हैं।' पिछले सप्ताह इस बीमारी का पहला मामला सामने आने के बाद से अब तक सेरेब्रल मलेरिया के कारण चार बच्चों की मौत हो चुकी है।
क्या होता है सेरेब्रल मेलेरिया?
इस बीमारी को ब्रेन मलेरिया भी कहा जाता है। यह मुख्य रूप से संक्रमित मादा एनोफिलिज मच्छर के काटने से फैलती है। यह एक गंभीर मलेरिया है। अगर इस बीमारी का सही समय पर इलाज नहीं कराया गया तो यह जानलेवा हो सकता है।
सेरेब्रल मलेरिया के लक्षण
- तेज बुखार
- सिर दर्द
- ठंड लगना
- सिर दर्द
- शरीर में ऐंठन और मांस पेशियों में दर्द होना
- बेहोशी
- कमजोरी
बचाव का तरीका
- अपने घर के आस पास पानी जमा न होने दें
- सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।
- बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
- खुद से दवा लेने की गलती न करें।