logo

मूड

ट्रेंडिंग:

हर दिन फ्लू से मर जाते हैं 328 भारतीय, आखिर इतना जानलेवा कैसे है?

ज्यादातर लोग फ्लू को गंभीरता से नहीं लेते हैं लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी की भारत में हर दिन इस बीमारी से 328 लोग मर रहे हैं। आइए जानते हैं इस बीमारी के फैलने का कारण क्या है?

influenza virus

प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit: Social media

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

इन्फ्लूएंजा वायरस को आम भाषा में फ्लू कहा जाता है। यह एक श्वास संबंधी संक्रमण है जो इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण होती है। यह संक्रमण आपके नाक, गले और फेफड़ों को संक्रमित करता है। यह बीमारी एक -दूसरे में खांसने, छींकने से फैलती है। हर साल भारत में इन्फ्लूएंजा से 1. 2 लाख लोगों की मृत्यु होती है। इस संक्रमण से मरने वाले दो तिहाई लोगों की उम्र 65 साल या उससे ज्यादा है।

 

Indian Academy of Geriatics जर्नल में पब्लिश रिपोर्ट के मुताबिक 2 % से कम बुजुर्ग व्यक्ति इन्फ्लूएंजा की वैक्सीन लेते हैं। Longitudinal Ageing Study in India (LASI) के आंकड़ों के मुताबिक विशेषज्ञों ने बताया कि देश में बुजुर्गों के टीकाकरण की स्थिति बेहद खराब है। रिपोर्ट के अनुसार 60 या उससे अधिक उम्र के लोगों में अलग-अलग टीकों की कवरेज 3% से भी कम है।

 

यह भी पढ़ें: दिनभर समय नहीं मिलता? सिर्फ 10 मिनट का योग भी आपको रख सकता है फिट

बुजुर्गों में वैक्सीन का दर

टिटनेस और डिप्थीरिया वैक्सीन लेने वाले बुजुर्ग- 2.75%
हेपेटाइटस बी वैक्सीन लेने वाले- 1.82%
इन्फ्लूएंजा (Flu) वैक्सीन लेने वाले- 1.59%
न्यूमोकोकल (Pneumococcal) वैक्सीन लेने वाले- 0.74%

बुजुर्ग वैक्सीन क्यों नहीं लगवाते हैं?

इंद्रपस्थ अपोलो अस्पताल के मेडिकल विभाग के डॉक्टर सुरनजीत चटर्जी ने कहा, 'भारत में बुजुर्गों के टीकाकरण का दर बहुत ही कम है और इसे बढ़ाने की जरूरत है। टीकाकरण एक तरह का इनवेस्टमेंट है जो आपको बीमारियों और अस्पताल में भर्ती होने से बचता है और स्वस्थ रहने में मदद करता है। बुजुर्गों में टीकाकरण को बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य संस्थानों, सरकार और संबंधित एजेंसियों को मिलकर काम करना होगा ताकि लोगों में इसके प्रति जागरूकता बढ़ें और लोग अधिक से अधिक टीका लगवाएं।'

 

उन्होंने आगे कहा, 'संक्रमण के कारण सबसे जयादा बुजुर्ग अस्पताल में भर्ती होते हैं। इनमें सबसे सामान्य बीमारी निमोनिया है। इसेक बावजूद सिर्फ 1% बुजुर्गों ने निमोनिया का टीका लगवाया है जो उन्हें इस गंभीर बीमारी से बचाने का काम करता है।

 

यह भी पढ़ें: ज्यादा विटामिन डी सप्लीमेंट्स खाना हो सकता है सेहत के लिए खतरनाक, जानिए

 

शोध में बताया गया कि हर साल निमोनिया से दुनियाभर में 6 से 8 लाख लोगों की मौत हुई है। इनमें सबसे ज्यादा मौतें बुजुर्गों को होती हैं या फिर वे लोग जो पहले से ही किसी बीमारी से पीड़ित होते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक बुजुर्गों में वैक्सीन को लेकर जागरूकता की कमी, वैक्सीन लगवाने में हिचकिचाहट और वैक्सीन का खर्च समेत अन्य कारणों की वजह से बुजुर्गों में वैक्सीव लगवाने का दर बहुत ही कम है। बुजुर्गों को मुख्य रूप से इन्फ्लूएंजा, निमोनिया, शिंगल्स और टिटनस डिफ्थीरिया और पर्टुसिस की वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए। उन बुजुर्गों को हेपेटाइटस बी की वैक्सीन जरूर लगवाना चाहिए, जिन्हें संक्रमण होने का खतरा सबसे ज्यादा है।

Related Topic:#Health

और पढ़ें