भारत में वजन घटाने वाली दवाइयों की ब्रिकी में तेजी से बढ़ोत्तरी देखने को मिली है। इन दवाओं को लोग बिना डॉक्टर की सलाह से ले रहे हैं जिसके खतरनाक साइड इफेक्ट्स देखने को मिल रहे हैं। अब भारत सरकार का स्वास्थ्य मंत्रालय तेजी से वजन घटाने वाली दवाइयों (GLP-1) के इस्तेमाल पर सख्ती कर रहा है। इन दवाइयों को असल में डायबिटीज के लिए बनाया गया था लेकिन लोग इसका इस्तेमाल वजन घटाने के लिए करने लगे हैं।
अब ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने इन दवाइयों की बिक्री पर कड़ी निगरानी रखना शुरू कर दिया है। आप बिना परमिशन के इस दवा को बेच नहीं सकते हैं। साथ ही गलत तरीके से विज्ञापन करने को रोका जाएगा। इन दवाओं को लेकर नियम सख्त हो गए हैं ताकि लोगों की सेहत सुरक्षित रहे। डॉक्टर से जानते हैं कि इस दवा को लेने से क्या नुकसान पहुंचता है?
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GLP-1 दवा सेहत के लिए कितनी खतरनाक है?
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर अनिल कुमार जे नायक ने बताया, 'डायबिटीक मरीजों के लिए जीएलपी 1 दवाओं की शुरुआत हुई थी लेकिन अब इसका इस्तेमाल वजन घटाने के लिए बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। यह गलत है क्योंकि डॉक्टर की सलाह के बिन ली जाने वाली कोई भी एलोपैथिक दवा खतरनाक है।'
उन्होंने आगे कहा, 'हमने जीएलपी 1 दवाओं की शुरुआत के समय ही कहा था कि दवा केवल एमडी फिजिशियन, मधुमेह विशेषज्ञ और एंड्रक्राइनोलॉजिस्ट की देखरेख में ही ली जानी चाहिए।'
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GLP-1 दवा लेने के साइड इफेक्ट
इस दवा को लेने की वजह से गैस्ट्रिक परेशानी, मतली, उल्टी और दस्त की समस्या हो सकती है। इसके अलावा पैनक्रियाटिस की दिक्कत हो सकती है। अगर कोई व्यक्ति पहले से ही डायबिटीज की दवाइयां ले रहा है और फिर ये दवा लेगा उसे डोज मालूम नहीं होगा तो हाइपग्लाइसिमिया का खतरा बढ़ जाता है। बिना सलाह के दवा लेंगे तो उसका साइड इफेक्ट जरूर होगा। ये आपके लिए जान की जोखिम भरा होगा। इसके अलावा थायराइड कैंसर भी हो सकता है लेकिन इसकी दुर्लभ संभावना है।