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कम नींद दिमाग पर डालती है असर, डॉक्टर से समझिए कैसे?

हर व्यक्ति को 8 से 9 घंटे की पर्याप्त मात्रा में नींद लेनी चाहिए। आज के समय में ज्यादातर लोग अनिद्रा की समस्या से जूझ रहे हैं।

not taking enough sleep

नींद नहीं आना, Photo Credit: Social Media

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स्वस्थ रहने के लिए पर्याप्त मात्रा में नींद लेना बहुत जरूरी है। हर व्यक्ति को दिन में 8 से 9 घंटे की पर्याप्त नींद लेनी चाहिए। सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) की रिपोर्ट के मुताबिक हर 3 में से 1 व्यक्ति अनिद्रा की समस्या से जूझ रहा है। नींद हमारे शरीर का रीसेट बटन होता है। सोते समय हमारा शरीर रिपेयर मोड में चला जाता है। नींद पूरी होने से आप तरोताजा महसूस करते हैं। साथ ही दिन भर काम करने की एनर्जी होती है।

 

अभिनेता अमिताभ बच्चन ने हाल ही में अपने व्लॉग में बताया कि नींद से ज्यादा काम जरूरी है। उन्होंने बताया कि कम नींद सेहत के लिए नुकसानदायक है। चिकित्सक भी हर दिन कम से कम 7 घंटे सोने की सलाह देती है ताकि शरीर उस दौरान विकसित हो और रिपेयर हो। कई रिसर्च में इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि कम नींद लेने से हार्ट और शुगर संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा मस्तिष्क को भी प्रभावित करता है। अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक 7 घंटे से कम की नींद लेता है तो उसके स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ेगा? 

 

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कम नींद लेना शरीर के लिए हानिकारक

याददाश्त पर पड़ता है प्रभाव

 

अपोलो अस्पताल के न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर सुधीर कुमार के मुताबिक पर्याप्त मात्रा में नींद नहीं लेने से सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित होती है। आप धीरे-धीरे चीजों को भूलने लग जाते हैं। इसके अलावा नींद की कमी की वजह से आप चीजों पर रिएक्ट भी धीरे करने लगते हैं। इसके अलावा चिड़चिड़ापन,मूड स्विंग और तनाव बढ़ता है।

 

स्लीप एपनिया का खतरा बढ़ जाता है

 

भारत में 104 मिलियन लोगों को स्लीप एपनिया की समस्या है। AIIMS की रिसर्च के मुताबिक करीब 13%पुरुषों में ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA) पाया गया है जबकि महिलाओं में यह आंकड़ा 5% है। ज्यादातर लोगों में इस बीमारी के लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। कुछ लोगों में इसके लक्षण दिखाई देते हैं। यह एक गंभीर समस्या है। इस बीमारी में सबसे पहले प्रभाव हृदय पर पड़ता है। इसकी वजह से हार्ट अटैक, स्ट्रोक, दौरे, लकवा आने का खतरा बढ़ जाता है। इस बीमारी में व्यक्ति की नींद बार-बार टूटती है और नींद नहीं आती है। इससे शरीर में सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम बार-बार सक्रिय हो जाता है।

 

डायबिटीज का कारण

 

Harward Health की स्टडी के मुताबिक कम नींद लेने से शरीर का बॉडी क्लॉक प्रभावित होता है।  जब इस साइकिल में बदलाव आता है तो इंसुलिन सही तरीके से काम नहीं कर पाता है जिस वजह से शरीर में ब्लड शुगर का लेवल बढ़ता है।

 

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अच्छी नींद के लिए क्या करें?

  • अच्छी नींद के लिए सोने से आधे घंटे पहले किताब पढ़ सकते हैं या मेडिटेशन भी कर सकते हैं।
  • रात को सोने से आधे घंटे पहले कॉफी और शराब न पिएं।
  • बॉडी क्लॉक को मेंटेन करें।
  • खाना शाम के 6 से 7 बजे तक खाले।
  • नियमित रूप से एक्सरसाइज करें।

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