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दिमाग को रीसेट करने जैसा है डिजिटल डिटॉक्स? अपनाएं ये तरीके

घंटों फोन और लैपटॉप चलाने से मेंटल हेल्थ पर असर पड़ता है। मेंटल हेल्थ को स्वस्थ रखने के लिए डिजिटल डिटॉक्स करना जरूरी है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit: Social Media

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हम लोग अपना ज्यादातर समय मोबाइल और लैपटॉप के सामने बिताते हैं। अपने दिन की शुरुआत मोबाइल फोन के साथ करते हैं और रात को सोने से पहले घंटों रील्स देखते हैं। यह जानकर आपको हैरानी होगी कि हम अपना 6 से 7 घंटे फोन पर स्क्रीन देखते हुए बिताते हैं। इन सभी चीजों का असर हमारे स्वास्थ्य और मेंटल हेल्थ पर पड़ता है। घंटों फोन और लैपटॉप चलाने की वजह से आंखों की रोशनी पर प्रभाव पड़ता है, नींद नहीं आती है, काम करने में ध्यान कम लगता है, चिड़चिड़ापन महसूस होता है। ये सभी परेशानियां डिजिटल एडिक्शन की वजह से होती है।

 

डिजिटल एडिक्शन को मेंटल हेल्थ डिसऑर्डर में नहीं गिना जाता है लेकिन 2020 में WHO ने कहा था कि डिजिटल टेक्नोलॉजी का अधिक इस्तेमाल परेशानी वाली बात है। इन परेशानियों से बचने के लिए डिजिटल डिटॉक्स करना जरूरी होता है। आइए जानते हैं क्या होता है डिजिटल डिटॉक्स?

 

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क्या होता है डिजिटल डिटॉक्स?

डिजिटल डिटॉक्स का मतलब कुछ समय के लिए मोबाइल, सोशल मीडिया, ईमल और बाकी प्लेटफॉर्म से दूरी बनाना है। ऐसा हम इसलिए करते हैं ताकि दिमाग को लगातार मिलने वाले मैसेज और नोटिफिकेशन से राहत मिले। डिजिटल डिटॉक्स दिमाग को रीसेट करने जैसा है। डिजिटल डिटॉक्स से व्यक्ति अपने विचारों, भावनाओं और आसपास की जिंदगी पर सही तरीके से ध्यान देते हैं।

 

डिजिटल डिटॉक्स के फायदे

 

अच्छी नींद।
आप उस जगह पर ज्यादा मौजूद रहेंगे।
दोस्तों और परिजनों के साथ अच्छा रिश्ता रहेगा।

आपका काम में ध्यान लगेगा।

दिमाग थका हुआ महसूस नहीं करेगा।

 

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कैसे करें डिजिटल डिटॉक्स?

  • अपना लक्ष्य सेट रखें- आपको लक्ष्य तय रहना चाहिए कि आपको डिटॉक्स क्यों करना है। आपको फोन का कम से कम इस्तेमाल करना है ताकि अपनी रूचि पर काम कर सकें।
  • निश्चित समय चुनें- आपको पता होना चाहिए कितने देर तक डिटॉक्स करना है। कुछ लोग 2 हफ्ते डिटॉक्स करते हैं। वहीं, कुछ लोग महीने भर डिटॉक्स करते हैं। 
  • किन चीजों से परहेज करना है- आपको अपने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से दूरी बनानी है। सोशल मीडिया का कम से कम इस्तेमाल करें।
  • बाउंड्री तय करें- आजकल कई ऐप उपलब्ध हैं फोन में जो बताते हैं कि आपने सोशल मीडिया का कितना इस्तेमाल किया। टाइम ट्रैकिंग ऐप है जो आपकी स्क्रीन टाइम की मॉनिटरिंग करते हैं।
  • सोशल मीडिया से ब्रेक लें-हफ्ते में एक या दो दिन सोशल मीडिया से पूरी तरह से दूर रहें। आप नोटिफिकेशन को बंद कर दें। ऐसा करने से स्क्रीन टाइम कम होगा।
  • आउटडोर एक्टिविटी करें- रोजाना 30 मिनट एक्सरसाइज करें, योग करें। ये चीजें आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है।

 

 


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