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मॉल के बजाय सरोजनी के कपड़े क्यों खरीदते हैं लोग? वजह जान लीजिए

अक्सर देखा जाता है कि सरोजनी नगर मार्केट जैसे बाजारों में बंपर भीड़ होती है और लोग सस्ते सामान खूब खरीदते हैं। क्या आप इसकी वजह जानते हैं?

Image of Thrift Market, Photo Credit: Social Media

थ्रफ्टि क्लोथंग मार्केट, Photo credit: Social Media

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आज के दौर में शॉपिंग का मतलब सिर्फ कपड़े खरीदना नहीं रह गया है, बल्कि यह एक स्मार्ट चॉइस बन गया है। जहां बड़े-बड़े मॉल्स में ब्रांडेड शोरूम्स की चमक-धमक है, वहीं दिल्ली का सरोजिनी नगर मार्केट आज भी लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। साल 2026 की ताजा रिपोर्ट्स और मार्केट ट्रेंड्स को देखें, तो पता चलता है कि लोग अब 'ब्रांड वैल्यू' से ज्यादा 'वैल्यू फॉर मनी' पर भरोसा कर रहे हैं।

 

सरोजिनी नगर की सबसे बड़ी ताकत इसकी कीमत है। जहां एक अच्छे मॉल में किसी भी ट्रेंडी ड्रेस की शुरुआत ₹2,000 से ₹5,000 के बीच होती है, वहीं सरोजिनी में वैसी ही ड्रेस मात्र 200 रुपये से 500 रुपये में मिल जाती है।

 

डेटा बताता है कि एक औसत कॉलेज स्टूडेंट या ऑफिस जाने वाला प्रोफेशनल अपने महीने के कपड़ों का बजट यहां मॉल के मुकाबले 80% तक कम कर लेता है। यह 'चीप प्राइस' फैक्टर ही है जो मिडिल क्लास और हाई-सोसाइटी, दोनों को यहां खींच लाता है।

 

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थ्रिफ्टिंग और सेकंड-हैंड मार्केट

UnivDatos की एक मार्केट रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का सेकंड-हैंड और थ्रफ्टि क्लोथंग मार्केट 13.2% की सालाना दर (CAGR) से बढ़ रहा है। फैशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि Gen-Z अब 'Fast Fashion' के पर्यावरणीय नुकसान को लेकर जागरूक हो गई है। सरोजिनी नगर जो कभी 'सरप्लस' के लिए जाना जाता था, अब 'थ्रिफ्टिंग पैराडाइज' बन चुका है। लोग मॉल की नई पॉलिस्टर ड्रेसेस के बजाय यहां से 'Pre-loved' यूनिक विंटेज कपड़े ढूंढना फ्लेक्स मानते हैं।

 

 

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सोशल मीडिया का असर 

मार्केट एनालिस्टस के अनुसार, सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स ने सरोजिनी नगर को एक 'लेजिटिमेट फैशन ब्रांड' बना दिया है। 'Sarojini Nagar Haul' जैसे वीडियो करोड़ों बार देखे जाते हैं, जो मॉल की मार्केटिंग पर भारी पड़ रहे हैं।

 

जहां मॉल्स में नया कलेक्शन आने में हफ्तों लग जाते हैं। वहीं सरोजिनी के वेंडर्स रातों-रात लेटेस्ट ट्रेंडस की कॉपी या सरप्लस स्टॉक मार्केट में उतार देते हैं। यही 'Speed to Market' सरोजिनी को मॉल्स से कोसों आगे खड़ा कर देती है।


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