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जेल से बाहर आएंगे अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन, कोर्ट से मिली अंतरिम जमानत

अल फलाह ग्रुप के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को अंतरिम अदालत मिल गई है। वह दो हफ्ते तक जेल से बाहर रहेंगे। पत्नी के मेडिकल कंडीशन आधार पर कोर्ट से यह राहत मिली है।

Al Falah University

अल फलाह यूनिवर्सिटी। (Photo Credit: PTI)

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अल फलाह समूह के मनी लॉन्ड्रिंग केस में चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की साकेत कोर्ट ने पत्नी के मेडिकल आधार पर दो हफ्ते की अंतरिम जमानत दी है। बताया जा रहा है कि जवाद अहमद सिद्दीकी की पत्नी स्टेज-IV मेटास्टैटिक ओवेरियन कैंसर से जूझ रही हैं। अभी उनकी कीमोथेरेपी चल रही है।

 

धन-शोधन निवारण अधिनियम की धारा 45 के तहत जवाद अहमद सिद्दीकी ने अंतरिम जमानत की याचिका दाखिल की। साकेत कोर्ट की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शीतल चौधरी प्रधान ने सुनवाई की। अदालत को बताया गया कि याचिकाकर्ता की पत्नी स्टेज-IV मेटास्टैटिक ओवेरियन कैंसर पीड़ित हैं। उनका दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में इलाज चल रहा है।

 

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दंपत्ती के तीन बच्चे संयुक्त अरब अमीरात में रहते हैं। पढ़ाई और परीक्षा के कारण उनका विदेश से भारत आना मुश्किल है। जवाब में प्रतवर्तन निदेशालय ने कहा कि जवाद अहमद सिद्दीकी की पत्नी की हालत स्थिर है और उनका इलाज 2024 से चल रहा है। परिवार के अन्य सदस्य और बच्चे भी विदेश से आकर सहायता कर सकते हैं। एजेंसी ने तर्क दिया कि अगर सिद्दीकी को रिहा किया जाता है तो जांच में बाधा पहुंचाने के अलावा गवाहों को भी प्रभावित कर सकते हैं।

 

 

 

 

दोनों पक्षों की दलील सुनने और मेडिकल दस्तावेजों को देखने के बाद साकेत कोर्ट की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शीतल चौधरी प्रधान ने जवाद अहमद सिद्दीकी को दो हफ्ते की अंतरिम जमानत दे दी है। 

 

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बता दें कि पिछले साल नवंबर में लाल किला के पास बम धमाके के बाद अल फलाह यूनिवर्सिटी का नाम चर्चा में आया था। बाद में प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था और हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल फलाह विश्वविद्यालय की 140 करोड़ रुपये की जमीन और इमारतों को जब्त कर लिया था। समूह के चेयरमैन और चैरिटेबल ट्रस्ट के खिलाफ आरोप पत्र भी दाखिल किया जा चुका है। 

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