अपनी ही पार्टी से नाराज चल रहे तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के अन्नामलाई ने दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की टॉप लीडरशिप से मिले। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष सहित केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इन मुलाकातों के बाद अन्नामलाई ने फिलहाल अपना इस्तीफा नहीं दिया है। वह आज रात में नितिन नवीन के साथ एक बार फिर से बैठक कर सकते हैं। इन बैठकों के बीच अन्नामलाई को मनाने की कवायद तेज हो गई हैं।
पिछले कई दिनों में अन्नामलाई के तमिलनाडु में कई मुद्दों को लेकर बीजेपी के साथ मतभेद सामने आए हैं। यह मतभेद तब और खुलकर सामने आ गए, जब दो दिन पहले अन्नामलाई ने नई पार्टी बनाने की ओर इशारा किया।
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आधिकारिक तौर पर अपना इस्तीफा नहीं
अन्नामलाई के बीजेपी से इस्तीफा देने की खबरों के बीच समाचार एजेंसी एएनआई की खबर के मुताबिक, अन्नामलाई ने गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक खत्म हो गई है। इस बैठक में उन्होंने अपने इस्तीफे के मामले पर चर्चा की। हालांकि, अन्नामलाई ने अभी तक आधिकारिक तौर पर अपना इस्तीफा नहीं दिया है।
रणनीति पर स्थिति साफ करेंगे
इसमें बताया गया है कि आज रात, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और अन्नामलाई इसी मुद्दे पर आगे बातचीत कर सकते हैं। इसके बाद कल या परसों अन्नामलाई तमिलनाडु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में वह आगे की अपनी रणनीति पर स्थिति साफ करेंगे।
चर्चा है कि पूर्व IPS अधिकारी अन्नामलाई एक नई क्षेत्रिय पार्टी शुरू कर सकते हैं। उम्मीद है कि वह राज्य में सेक्युलर और तमिल-फर्स्ट सोच को लेकर आगे बढ़ सकते हैं। के अन्नामलाई तमिलनाडु में बीजेपी और द्रविड़ पार्टियों दोनों के लिए एक विकल्प के तौर पर खुद को खड़ा कर सकते हैं।
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क्यों नाराज हैं अन्नामलाई?
यह घटनाक्रम तमिलनाडु में बीजेपी की राजनीतिक स्ट्रैटेजी को लेकर अन्नामलाई और बीजेपी की केंद्रीय आलाकमान के बीच महीनों से चले आ रहे मतभेदों के बाद हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक, अन्नामलाई, AIADMK के साथ बीजेपी के गठबंधन और विधानसभा चुनाव से पहले उम्मीदवार का ऐलान नहीं करने से नाराज थे।
इसके पीछे अन्नामलाई ने तर्क दिया था कि बीजेपी को गठबंधन पर निर्भर रहने के बजाय तमिलनाडु में अकेले संगठनात्म बेस बनाने पर जोर देना चाहिए था। अन्नामलाई के साथियों का यह भी दावा है कि मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के आने और उनकी पार्टी के चुनावी नतीजों ने तमिलनाडु के राजनीतिक माहौल को बदल दिया है, जिससे नई सियासी ताकतों के लिए जगह बनी है।