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'लिखकर गारंटी दोगे?' एथेनॉल मामले पर कंपनियों को चिट्ठी लिखेंगे केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को सीधा आरोप लगाया कि केंद्र सरकार देश के करोड़ों वाहन मालिकों के भारी विरोध के बावजूद पूरे देश पर जबरदस्ती E20 पेट्रोल थोप रही है।

Arvind Kejriwal on ethanol

अरविंद केजरीवाल। Photo Credit (@AamAadmiParty)

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आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को पेट्रोल में एथेनॉल मिलाए जाने को लेकर जनता की परेशानी के बारे में बात की। साथ ही उन्होंने एथेनॉल को लेकर केंद्र की मोदी सरकार और देश की कार-बाइक कंपनियों को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि वह देश की तीन प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियों को पत्र लिखकर यह मांग करेंगे कि वे लिखित रूप में देश की जनता को आश्वासन दें कि ई-20 पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहनों के इंजन को कोई नुकसान नहीं होता और न ही माइलेज में कमी आती है।

 

दिल्ली के पूर्व सीएम केजरीवाल ने यह भी कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर एथेनॉल मिलाए गए पेट्रोल को लेकर लोगों के किए जा रहे विरोध के बारे में उन्हें बताएंगे और आग्रह करेंगे कि इस पेट्रोल के इस्तेमाल को वैकल्पिक बनाया जाए।

मारुति, टोयोटा और हीरो का लिया नाम

दिल्ली में आयोजिक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने मारुति सुजुकी, टोयोटा किर्लोस्कर और हीरो मोटोकॉर्प का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि इन कंपनियों के सार्वजनिक बयान उनके वाहनों की ‘ओनर मैनुअल’ (उपयोगकर्ता पुस्तिका) में दी गई जानकारी से मेल नहीं खाते।

 

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'मैं इन कंपनियों को पत्र लिखूंगा'

उन्होंने कहा, 'मैं इन सभी कंपनियों को पत्र लिखूंगा। मैं उनसे कहूंगा कि आपके ओनर मैनुअल में कुछ बात लिखी है, लेकिन आप सार्वजनिक रूप से कुछ और कह रहे हैं। आप लिखित में यह आश्वासन दें कि अगर आपके वाहन का माइलेज 10 प्रतिशत से अधिक कम हो जाता है, तो क्या आप ग्राहक को इसकी भरपाई करेंगे?'

 

 

 

E20 एथेनॉल के इस्तेमाल से वाहन को नुकसान होता है तो..

केजरीवाल ने आगे कहा, 'अगर ई-20 एथेनॉल के इस्तेमाल से वाहन को नुकसान होता है या उसके कलपुर्जे खराब होते हैं तो क्या उन पुर्जों को बदलने का खर्च भी आप वहन करेंगे?' हालांकि, इस बारे में तीनों वाहन कंपनियों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

लोगों को गुमराह कर रही सरकार

आप प्रमुख केजरीवाल ने यह आरोप भी लगाया कि सरकार यह कहकर लोगों को गुमराह कर रही है कि भारत एथेनॉल मिश्रित ईंधन अपनाने वाला पहला देश नहीं है। उन्होंने कहा, 'यह आधा सच है। जिन देशों का उदाहरण दिया जा रहा है, वहां आमतौर पर एथेनॉल मिश्रण की मात्रा ई-10 से कम है। सामान्य वाहन ई-10 तक के मिश्रण का उपयोग कर सकते हैं, लेकिन उससे अधिक नहीं।'

 

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तीन बड़ी कंपनियों और सरकार पर सीधा आरोप

अरविंद केजरीवाल ने सीधा आरोप लगाया कि केंद्र सरकार देश के करोड़ों वाहन मालिकों के भारी विरोध के बावजूद पूरे देश पर जबरदस्ती E20 पेट्रोल थोप रही है। उन्होंने कहा, '3 जुलाई को सरकार ने 6 बड़ी ऑटो कंपनियों पर E20 को सुरक्षित बताने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस करने का दबाव बनाया। मारुति सुज़ुकी, टोयोटा किर्लोस्कर और हीरो मोटोकॉर्प ने कहा कि पुरानी गाड़ियों में भी E20 सुरक्षित है और इससे सिर्फ 5–7 माइलेज घटेगा। लेकिन टोयोटा के आधिकारिक ओनर मैनुअल में केवल E10 (10% इथेनॉल) तक के इस्तेमाल की अनुमति है। मैनुअल में यह भी लिखा है कि E10 से भी परफॉर्मेंस या माइलेज प्रभावित हो, तो E0 (0% इथेनॉल) पेट्रोल पर वापस लौट जाएं। 

 

 

 

 

उन्होंने सवाल किया कि जब कंपनियों के अपने दस्तावेज़ E10 की सीमा तय करते हैं, तो प्रेस कॉन्फ्रेंस में E20 को पूरी तरह सुरक्षित कैसे बताया जा रहा है?

 

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