स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख एयरपोर्ट पर एयर इंडिया का एक को-पायलट शराब के नशे में मिला। एयरपोर्ट पर अल्कोहल टेस्ट में फेल होने के बाद उसे निलंबित कर दिया है। 4 अगस्त को फुकेत-दिल्ली फ्लाइट के पायलट को भी नशे में पाया गया था। दो बार की जांच में उसका ड्रग टेस्ट पॉजिटिव मिला। लापरवाही के बाद एयर इंडिया ने पायलट की सेवा समाप्त कर दी।
अब ताजा मामला 6 सितंबर का है। पहली जांच में को-पायलट नशे में मिला। ज्यूरिख में ही उसका दूसरा टेस्ट किया गया है। अभी तक रिजल्ट नहीं आया है। अधिकारियों ने को-पायलट को फ्लाइट में नहीं चढ़ने दिया। बाद में उसे एक यात्री की तरफ दिल्ली भेजा गया। इस मामले के चलते फ्लाइट एआई 151 अगले दिन दिल्ली के लिए रवाना हुई। दूसरी रिपोर्ट आने तक को-पायलट को निलंबत कर दिया गया है। बता दें कि फुकेत-दिल्ली घटना के बाद एयर इंडिया ने अपने सभी पायलटों के लिए डोप टेस्ट अनिवार्य कर दिया था।
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सुरक्षा, नियामक या कंपनी प्रोटोकॉल के किसी भी उल्लंघन के प्रति एयर इंडिया की जीरो-टॉलरेंस नीति है। किसी भी पुष्ट उल्लंघन से सख्ती से निपटा जाएगा और नियामक आवश्यकताओं और कंपनी नीति के अनुसार एक्शन लिया जाएगा। - एयर इंडिया।
क्या थी फुकेत-दिल्ली फ्लाइट की घटना?
4 अगस्त को फुकेत से दिल्ली आ रही फ्लाइट में टर्बुलेंस की वजह से 24 यात्रियों को चोट पहुंची थी। जांच में खुलासा हुआ था कि हजारों फुट की ऊंचाई पर विमान के ग्रीन, ब्लू और येलो हाइड्रोलिक सिस्टम ने अचानक से काम करना बंद कर दिया था। इसके अलावा मुख्य पायलट की ड्रग जांच रिपोर्ट भी निगेटिव नहीं मिली। एएआईबी ने नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) को पायलट के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की। बाद में एयर इंडिया ने पायलट की सेवाएं समाप्त कर दी।
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जांच में सामने आया है कि हाइड्रोलिक सिस्टम बंद होने के बाद ऑटोपायलट ने भी काम करना बंद कर दिया था। को-पायलट ने विमान को संभालने का प्रयास किया। बाद में मुख्य पायलट ने अपने हाथ में नियंत्रण लिया। विमान पहले 372 फुट अचानक ऊपर गया और बाद में 292 फुट नीचे आया। हाइड्रोलिक सिस्टम के ठीक होने पर 11 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान की सुरक्षित लैंडिंग करवाई गई।