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शुद्धिकरण विवाद पर छलका मल्लिकार्जुन खड़गे का दर्द, CWC मीटिंग में जताई नाराजगी

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने CWC की मीटिंग में उत्तराखंड के हल्द्वानी में उनके भाषण के बाद हुए कथित शुद्धिकरण अनुष्ठान को लेकर अपनी नाराजगी और पीड़ा जाहिर की।

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मल्लिकार्जुन खड़गे, File Photo Credit: PTI

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राजधानी दिल्ली में 19 अगस्त को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक हुई। इस मीटिंग में पार्टी अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में उनके भाषण के बाद हुए कथित शुद्धिकरण अनुष्ठान को लेकर अपनी नाराजगी और पीड़ा जाहिर की। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि CWC के कई सदस्यों ने इस घटना की सार्वजनिक रूप से निंदा नहीं की। इस मुद्दे को खुद मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में उठाया था और सरकार ने इसकी जांच करवाने का आश्वासन दिया था। 

 

कांग्रेस वर्किंग कमेटी की इस अहम मीटिंग में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि वह यह उम्मीद नहीं करते कि कोई उन्हें सिर्फ इसलिए बचाए क्योंकि वह दलित हैं। उन्होंने आगे कहा कि हल्द्वानी में उनके कार्यक्रम के बाद जिस तरह शुद्धिकरण किया गया, वह उन्हें अपमानजनक लगा। उन्होंने इस बात पर भी निराशा जताई कि पार्टी के कुछ नेताओं ने इस घटना के खिलाफ खुलकर प्रतिक्रिया नहीं दी।

 

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क्या है पूरा विवाद?

यह विवाद 8 अगस्त को उत्तराखंड के हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की कांग्रेस रैली के बाद शुरू हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो दिन बाद वहां एक स्थानीय हिंदू संगठन ने हवन और शुद्धिकरण अनुष्ठान किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई मल्लिकार्जुन खड़गे के दलित होने की वजह से की गई। कांग्रेस पार्टी की ओर से आरोप लगयाा गया कि यह अनुष्ठान बीजेपी के समर्थकों ने किया था। 

संसद में भी उठा था मामला

हल्द्वानी की घटना के राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संसद में भी उठाया था। राज्यसभा में उन्होंने कहा था कि उन्होंने रामलीला मैदान में अपने भाषण के दौरान किसी जाति या धर्म का नाम नहीं लिया था और केवल लोगों से जुड़े मुद्दों पर बात की थी। इसके बावजूद उनके भाषण के बाद मंच का शुद्धिकरण किया गया। मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे लोकतंत्र और संविधान के लिहाज से गंभीर सवाल बताते हुए कार्रवाई की मांग की थी। मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की थी। 

 

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बीजेपी ने किया किनारा

मल्लिकार्जुन खड़गे के आरोपों का जवाब संसद में ही नेता सदन और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी इस तरह की गतिविधियों का समर्थन नहीं करती। जेपी नड्डा ने घटना को दुखद बताते हुए इसकी जांच कराने का आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा था कि BJP ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती और घटना की जांच की जाएगी। अब CWC की बैठक में खड़गे की नाराजगी सामने आने के बाद यह मुद्दा एक बार फिर कांग्रेस के भीतर चर्चा में है। 


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