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महिला पहलवानों के यौन शोषण मामले में बृजभूषण शरण सिंह बरी

दिल्ली की एक अदालत ने यौन शोषण के मामले में बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया है। पढ़ें रिपोर्ट।

Brijbhushan Sharan Singh

बृजभूषण शरण सिंह। Photo Credit: BBS/Facebook

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दिल्ली की एक अदालत ने भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों के यौन शोषण से जुड़े मामलों में बरी कर दिया है। राउज एवेन्यू कोर्ट के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) अश्विनी पंवार ने यह फैसला सुनाया है। पूरे मामले की सुनवाई बंद कमरे में कैमरे की मौजूदगी में हुई। अदालत ने पहले फैसला सुरक्षित रखा लिया था। महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ जनवरी 2023 में जंतर मंतर पर धरना दिया था। कई खिलाड़ियों ने अपना मेडल लौटा दिया था। 

बृजभूषण शरण सिंह की यौन हिंसा के इस मामले में खूब किरकिरी हुई थी। वह कैसरगंज लोकसभा सीट से सांसद थे। साल 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने विवादों की वजह से उनका टिकट काट दिया था। उनकी जगह उनके बेटे करण भूषण सिंह को चुनावी मैदान में उतार दिया था। वह भी अपने पिता की तरह ही सीट जीतने में कामयाबी मिली थी।


दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा गया था। पूरी सुनवाई बंद कमरे में कैमरा के सामने हुई थी। वरिष्ठ वकील रेबेका जॉन, महिला पहलवानों की तरफ से पेश हुईं, जबकि बृजभूषण सिंह के वकील राजीव मोहन थे। 

यह भी पढ़ें: 'बात काटने का सवाल ही नहीं, माफी मांगता हूं', हनुमानगढ़ी पर बृजभूषण का यू टर्न 

बृज भूषण शरण सिंह ने कोर्ट में जीत के बाद क्या कहा?

बृज भूषण शरण सिंह:-
18 जनवरी 2023 को मैंने कहा था कि ये एक षडयंत्र है। अगर मेरे ऊपर कोई आरोप सही पाया जाएगा तो मैं स्वत: फांसी पर लटक जाऊंगा। आज तक मैं उसी बात पर कायम रहा और आज लगभग 3 साल बाद कोर्ट ने मुझे और विनोद तोमर का बरी किया है।'

बृज भूषण शरण सिंह ने कहा, 'मैं 15-16 साल की उम्र से संघर्ष देख रहा हूं। मैं हमेशा जो कमजोर थे, जिनका हक मारा जाता था मैं उनके पक्ष में खड़ा होता था। मुझे अपने आप पर विश्वास था। मुझे पूरा विश्वास था कि मेरे साथ न्याय होगा। मेरे साथ न्याय हुआ। मैंने अपने आप को कभी अपराधी महसूस नहीं किया।'

पहले भी एक मामले में बरी हो चुके थे बृजभूषण 

कोर्ट ने मई 2024 में बृजभूषण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप तय किए थे, लेकिन छठी शिकायतकर्ता ने जो आरोप लगाए थे, उनमें वह पहले ही बरी हो गए थे। पूर्व सहायक सविच विनोद तोमर पर एक शिकायतकर्ता के मामले में धमकी देने का आरोप तय हुआ, बाकी आरोपों में उन्हें भी बरी कर दिया गया।

 

यह भी पढ़ें: योगी पर कटाक्ष या प्रेशर बनाने की राजनीति? क्या है बृजभूषण शरण सिंह का एजेंडा

किन धाराओं में दर्ज हुआ था मुकदमा?

बृजभूषण सिंह और विनोद तोमर दोनों इस मामले में जमानत पर बाहर हैं। दिल्ली पुलिस ने पिछले साल इनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354, 354A, 354D और 506 के तहत चार्जशीट दाखिल की थी। एक नाबालिग पहलवान के मामले में POCSO एक्ट का मामला वापस ले लिया गया था। धारा 354 स्त्री की लज्जा भंग करने से जुड़ा है। धारा 354A यौन उत्पीड़न से जुड़ी धारा है। धारा 354D पीछा करना है। धारा 506 आपराधिक धमकी से जुड़ी धारा है। 

बृजभूषण शरण सिंह पर क्या आरोप लगे थे?

महिला पहलवानों ने 2016 से 2019 के बीच बृजभूषण सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। महिला पहलवानों का आरोप था कि बृजभूषण शरण सिंह ने कुश्ती संघ के दफ्तर, सरकारी आवास और विदेश में पहलवानों का यौन शोषण किया। अब कोर्ट ने मुख्य मामले में बृजभूषण सिंह को सभी आरोपों से बरी कर दिया है।


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