दिल्ली के ओखला इंडस्ट्रियल एरिया में एक बड़ी कार्रवाई के दौरान नकली और एक्सपायर हो चुके ब्रांडेड खाने और पीने के सामान का कारोबार करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस और अन्य सरकारी एजेंसियों की संयुक्त छापेमारी में एक ऐसी फैक्ट्री का खुलासा हुआ, जहां एक्सपायर या एक्सपायर होने वाले मशहूर ब्रांडों के खाने और पीने के सामान की पैकिंग बदलकर उन्हें नए प्रोडेक्ट के रूप में बाजार में बेचा जा रहा था। इस मामले में फैक्ट्री को सील कर दिया गया है और अब तक सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई शुरुआत में बाल मजदूरी की शिकायत की जांच के लिए की गई थी। दिल्ली पुलिस, एसडीएम, एफएसएसएआई और एक सामाजिक संस्था की टीम ने ओखला फेज-2 में स्थित एक फैक्ट्री पर छापा मारा। हालांकि, वहां कोई बाल मजदूर नहीं मिला लेकिन जांच के दौरान अधिकारियों के सामने एक बड़ा फूड फ्रॉड सामने आ गया।
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कई ब्रांड्स के प्रोडक्ट मिले
जांच में सामने आया कि फैक्ट्री में बॉर्नविटा, मैगी, थम्स अप, फैंटा, हॉर्लिक्स, पेपर बोट जूस, घी और अन्य ब्रांडेड उत्पाद बड़ी मात्रा में रखे गए थे। आरोप है कि इनमें से कई सामान एक्सपायर हो चुके थे या उनकी एक्सपायरी डेट बहुत करीब थी। फैक्ट्री में पहले इन उत्पादों की पुरानी मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट को केमिकल की मदद से मिटाया जाता था। इसके बाद प्रिंटिंग मशीनों से नई तारीख, नया बैच नंबर, नया बारकोड और नई एमआरपी छापकर उन्हें फिर से पैक किया जाता था, ताकि वे बिल्कुल नए उत्पाद की तरह दिखाई दें।
विदेशों में होती थी सप्लाई
अधिकारियों के अनुसार, इस अवैध कारोबार के लिए फैक्ट्री में आधुनिक प्रिंटिंग, सीलिंग और पैकिंग मशीनें लगाई गई थीं। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी एक्सपायर या कम कीमत पर मिलने वाले उत्पाद खरीदते थे और उनकी पैकिंग बदलकर उन्हें भारत के अलग-अलग बाजारों के साथ-साथ विदेशों में भी सप्लाई करते थे। इस तरह वे लोगों की सेहत से खिलवाड़ करते हुए मोटा मुनाफा कमा रहे थे।
भारी मात्रा में सामान बरामद
छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में बदले हुए लेबल, नकली स्टिकर, पैकिंग सामग्री और तैयार उत्पाद बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि फैक्ट्री वेस्टेनेड कॉरपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड के नाम से चलाई जा रही थी। कंपनी के मालिक समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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खाद्य सुरक्षा को लेकर खड़े हुए सवाल
इस मामले के सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक्सपायर हो चुके खाद्य पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। ऐसे उत्पाद खाने से फूड पॉइजनिंग, पेट से जुड़ी बीमारियां और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इस नेटवर्क के खुलासे से लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि बदली हुई पैकिंग वाले ये उत्पाद किन-किन राज्यों और बाजारों तक पहुंचाए गए और इस कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल थे।