दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन से अब कई हिंसा की खबरें भी सामने आई हैं। 20 जुलाई को हुए पुलिस लाठीचार्ज के बाद से भीड़ उग्र है और पत्रकार और पुलिस पर कई हमले हो चुके हैं। दिल्ली पुलिस के एसीपी विवेक भगत भी ऐसी ही एक हिंसा के शिकार हुए हैं। बुधवार को ड्यूटी के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी देखने को मिली। इसमें कनॉट प्लेस के एससीपी विवेक भगत घायल हो गए। इसके तुरंत बाद उन्हें डॉक्टर राम मनोहर लोहिया (RML) हॉस्पिटल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। अब उन्होंने मीडिया के सामने आकर उस पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया है और कहा कि उग्र भीड़ ने जानबूझकर पुलिस वालों को टारगेट किया।
एसीपी विवेक भगत ने अपने साथ हुई घटना को लेकर आंखों देखा हाल बताया। न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि भीड़ बेहद उग्र थी और पुलिस कर्मियों को अलग-थलग कर उन पर सुनियोजित तरीके से हमला किया गया। इस हमले में उन्हें गंभीर चोटे आई। उनके चेहरे पर जख्म व हाथों में सूजन है जबकि उनके दांत भी टूट गए।
यह भी पढ़ें: क्या है Gen Z 'वास्तेगुना हुइयां ट्रेंड', जिससे जंतर मंतर पर परेशान हो गई पुलिस?
क्या हुआ था उस दिन?
एसीपी विवेक भगत ने कहा, 'मैं सेक्टर वन जोनन वन में ड्यूटी पर था जिसमें मेन जंतर-मंतर एरिया आता है। मैं दिन में ड्यूटी पर था और मेरी शाम की शिफ्ट भी थी, तो शाम की शिफ्ट में, मैं रीगल बिल्डिंग से, जो कनॉट प्लेस है, संसद मार्ग होते हुए, टॉल्स्टॉय और संसद मार्ग की रेड लाइट पर रिपोर्ट करने जा रहा था। मेरे साथ 5-6 लोगों का स्टाफ था जो आगे चल रहा था और मेरे साथ एक ACP प्रोबेशनर रोहित और मेरा ऑपरेटर नवनीत था। तो जैसे ही हम आगे चल रहे थे, हमने देखा कि आगे स्टाफ पर पानी की बोतलें फेंकी जा रही थीं और पुलिस के खिलाफ हूटिंग और एंटी-सोशल नारे लगाए जा रहे थे।'
एसीपी ने आगे बताया कि जैसे ही हमारा पुलिस स्टाफ वहां थोड़ा आगे-पीछे हुआ, उनमें से कुछ अपनी जान बचाने के लिए आगे बढ़े और उनमें से एक को भीड़ ने पकड़ लिया। उसके सिर से खून निकल रहा था। उसका पूरा चेहरा खून से लथपथ था, तो मैंने उसे वहां से बचाने के लिए बीच-बचाव करने की कोशिश की।
हिंसक थी भीड़
एसीपी विवेक भगत ने आगे बताया कि भीड़ काफी उग्र और हिंसक थी। उन्होंने कहा, 'हम उसे एक-दो मीटर आगे भी ले आए, लेकिन भीड़ इतनी बड़ी और हिंसक थी। उन्होंने मेरे ऊपर भी हमला करना शुरू कर दिया। जब तक मैं खड़ा था तब तक स्थिति फइर भी ठीक थी। इसके बाद उन्होंने मुझे गिरा दिया।
पुलिस वालों को किया टारगेट
एसीपी विवेर भगत ने कहा कि वहां पुलिस अधिकारियों को खास तौर पर निशाना बनाया गया, उन्हें अलग-थलग किया गया और उन पर हमला किया गया। उन्होंने कहा, 'मेरे को लात-घुसे मारे जा रहे थे। गालियां दी जा रही थी और पुलिस वालों को टारगेट करके हमला किया जा रहा था। अंत में ऐसा हो गया था कि एक तरफ ग्रिल थी और चारों तरफ भीड़। पीछे से लाग-घुसे और डंडे बरस रहे थे।'
यह भी पढ़ें: सोनम वांगचुक ने अनशन तोड़ा, फिर भी सरकार की चिंता खत्म नहीं, वजहें समझिए
कैसे बची जान?
एसीपी ने बताया कि उन्हें उनके साथी पुलिस वालों ने बचाया। डीसीपी खुद उन्हें बचाने आए और उन्हें रेस्कयू किया। विवेक ने बताया कि इस हमले में उन्हें कई चोटें आई हैं। उनके दो दांत टूट गए हैं, चेहरे पर कई निशान हैं और शरीर में कई जगहों पर सुजन है। हालांकि, उनके सीटी स्कैन और अन्य टेस्ट सही आए हैं।