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कोर्ट से खजाने तक, ममता बनर्जी को एक दिन में लगे 4 बड़े झटके

TMC और ममता बनर्जी को हर दिन एक नया झटका लग रहा है। अब हाई कोर्ट ने भी ऋतब्रत बनर्जी को नेता विपक्ष बनाने के फैसले पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया है।

abhishek banerjee and mamata banerjee

अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी, File Photo Credit: PTI

ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब उनकी पार्टी को हाई कोर्ट से दो-दो झटके लगे हैं। एक तरफ अभिषेक बनर्जी की गिरफ्तारी पर लगी रोक हटा ली गई है तो दूसरी तरफ कलकत्ता हाई कोर्ट ने ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। पार्टी का बैंक अकाउंट भी खतरे में पड़ता दिख रहा है क्योंकि अरूप बिस्वास ने बैंक में अर्जी दी है कि खातों को फ्रीज कर दिया है। इससे पहले, पार्टी के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने एक वीडियो जारी करके आरोप लगाए थे कि ममता बनर्जी की सुरक्षा में लगे सभी जवानों को हटा दिया गया है।

 

ये सब उस वक्त हो रहा है जब ममता बनर्जी की पार्टी पश्चिम बंगाल की विधानसभा से लेकर देश की संसद तक टूट चुकी है। पार्टी के महासचिव और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को आए दिन कभी सीआईडी तो कभी अन्य केंद्रीय एजेंसियों के सामने पेश होना पड़ रहा है। खुद ममता बनर्जी अब सड़क से अदालत तक लड़ाई लड़ रही हैं। उन्होंने भवानीपुर में अपनी हार वाले चुनाव को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। इस बीच लोकसभा में टीएमसी के 20 सांसद एक अनजान पार्टी नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय का एलान कर चुके हैं।

 

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कलकत्ता हाई कोर्ट ने दिया पहला झटका

तृणमूल कांग्रेस ने ऋतब्रत बनर्जी को नेता विपक्ष नियुक्त करने के पश्चिम बंगाल विधानसभा के स्पीकर के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। कलकत्ता हाई कोर्ट ने फिलहाल किसी के भी पक्ष में कोई फैसला नहीं सुनाया है लेकिन उसने ऋतब्रत बनर्जी को नियुक्त करने के फैसले को पलटा भी नहीं है। जस्टिस कृष्ण राव ने दोनों पक्षों से कहा है कि वे 2 हफ्ते में अपना जवाब दें और 3 हफ्ते में एक एफिडेविट दाखिल करें। इस मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई को होनी है। फिलहाल के लिए स्पीकर का फैसला बरकरार रहेगा यानी ऋतब्रत बनर्जी ही नेता प्रतिपक्ष बने रहेंगे।

खजाने पर कब्जे की कोशिश?

तृणमूल कांग्रेस की सरकार के दौरान मंत्री रहे अरूप बिस्वास पार्टी के कोषाध्यक्ष भी रहे हैं। अब अरूप बिस्वास ने HDFC बैंक की सेंट्रल प्लाजा ब्रांच को चिट्ठी लिखकर कहा है कि पार्टी के सभी अकाउंट फ्रीज करके लेनदेन रोक दिया जाए। उनका कहना है कि पार्टी में गड़बड़ चल रही है, कई नेता बगावत कर चुके हैं, ऐसे में उनके दस्तखत का गलत इस्तेमाल हो सकता है।

 

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दूसरी तरफ अरूप बिस्वास से मेसी के इवेंट मामले में पूछताछ चल रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि पार्टी के फंड को भी हथियाने की कोशिश हो रही है। अगर पार्टी का फंड भी दूसरे धड़े के हाथ में चला जाता है तो ममता बनर्जी की मुश्किल और भी बढ़ सकती है। हालांकि, इस पर टीएमसी का कहना है कि पार्टी के सभी संगठनों को भंग किया जा चुका है तो अब अरूप बिस्वास पार्टी के कोषाध्यक्ष नहीं हैं।

गिरफ्तार होंगे अभिषेक बनर्जी?

कई मुकदमों का सामने कर रहे लोकसभा सांसद और टीएमसी के महासचिव अभिषेक बनर्जी के लिए एक झटका मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से आया है। दरअसल, बीजेपी नेता आकाश विजयवर्गीय ने साल 2020 में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ मानहानि का एक मुकदमा दर्ज कराया था। इस केस में विशेष अदालत ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ वॉरंट जारी किया था लेकिन बाद इस वारंट पर रोक लग गई थी। अब हाई कोर्ट ने वारंट पर लगी रोक हटा दी है। इसका मतलब है कि अभिषेक बनर्जी को गिरफ्तार भी किया जा सकता है।

 

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ममता की सुरक्षा हटाने का आरोप

बुधवार रात में टीएमसी के डेरेक ओ ब्रायन ने ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित घर से एक वीडियो बनाया। इस वीडियो में वह यह दिखा रहे थे कि ममता के घर पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को हटा लिया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से सवाल पूछे कि आखिर वह क्या साजिश रच रहे हैं?

इस मामले में टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने कहा कि अगर ममता बनर्जी को कुछ हुआ तो बंगाल जल जाएगा। इस मामले पर टीएमसी भड़की हुई है और लगातार सवाल उठा रही है कि आखिर पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा को लेकर इस तरह की राजनीति क्यों हो रही है?

 

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