प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उत्तर प्रदेश के दौरे पर हैं। इस दौरान वह उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे। उत्तर प्रदेश के हरदोई में आयोजित एक कार्यक्रम में सुबह 11 बजे पीएम इस एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे। इस प्रोजेक्ट को कुल 35,230 करोड़ की लागत से बनाया गया है। यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 12 जनपदों से होकर निकलता है। आज से इस एक्सप्रेसवे पर आप भी अपनी गाड़ी दौड़ा पाएंगे।
इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद यानी आज से मेरठ से प्रयागराज तक का सफर पहले से कहीं ज्यादा तेज और आसान हो जाएगा। इस सफर में पहले की तुलना में समय भी कम लगेगा। हालांकि, लोगों के मन में एक सवाल है कि इस एक्सप्रेसवे पर सफर करने के लिए उन्हें कितना खर्च करना होगा। यानी कितना टोल टैक्स देना होगा। इसके साथ ही उन्हें भुगतान कैसे करने होगा , इस तरह के सवाल लोगों के मन में उठ रहे हैं।
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बाइक ट्रैक्टर पर भी लगेगा टोल
आमतौर पर राष्ट्रीय राजमार्गों पर बाइक और ट्रैक्टर-ट्रॉली को टोल टैक्स से छूट प्राप्त है। हालांकि, कुछ चुनिंदा राज्य एक्सप्रेसवे ऐसे हैं जिन पर बाइक और ट्रैक्टर से भी टैक्स वसूला जाता है। गंगा एक्सप्रेसवे ऐसे ही एक्सप्रेसवे की लिस्ट में शामिल हो रहा है। इस रास्ते से सफर करने वाले बाइव और ट्रैक्टर चालकों को भी टोल टैक्स जमा करना होगा। बाइक और ट्रैक्टर को 1.28 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से टोल टैक्स देना होगा। यानी अगर आप इस पूरे एक्सप्रेसवे को कवर करते हैं तो आपको करीब 750 रुपये टोल टैक्स देना होगा।
अन्य गाड़ियों पर कितना टैक्स?
- कार, जीप और हल्की गाड़ियां- 2.50 रुपये प्रति किलोमीटर
- बस और ट्रक- 8.20 रुपये प्रति किलोमीटर
- दोपहिया, तिपहिया और ट्रैक्टर- 1.28 रुपये प्रति किलोमीटर
- लाइट कमर्शियल वाहन,मिनी बस- 4.05 रुपये प्रति किलोमीटर
- भारी मशीनरी, मल्टीएक्सल वाहन- 12.60 रुपये प्रति किलोमीटर
- ओवरसाइज गाड़ी- 16.10 रुपये प्रति किलोमीटर
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किन जनपदों को जोड़ेगा एक्सप्रेसवे?
यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 12 जनपदों को जोड़ता है। इन जनपदों में मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज शामिल हैं। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से मेरठ से प्रयागराज के बीच का सफर कम हो जाएगा। इस क्षेत्र में व्यापार को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।